डिंडोरी। कलेक्टर हर्ष सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय किशोर/बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं आयुष्मान भारत उमंग उच्च शिक्षा/स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम के अंतर्गत अंतर्विभागीय बैठक का आयोजन किया गया।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रमेश मरावी ने राष्ट्रीय किशोर/बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं आयुष्मान भारत उमंग उच्च शिक्षा/स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया।
वही, कार्यक्रम के सुचारू संचालन एवं क्रियान्वयन के बारे में अन्य विभागीय अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करने के लिए जिला नोडल अधिकारी डॉ. राज कुमार डोंगरे द्वारा अपील की गई।
बैठक में जिला किशोर स्वास्थ्य समन्वयक ओम प्रकाश उरैती ने पीपीटी के माध्यम से कार्यक्रम के बारे विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत-उमंग उच्च शिक्षा के अंतर्गत महाविद्यालयो में समिति का गठन किया गया है। स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम अंतर्गत जिले के 140 स्कूलों के 280 हेल्थ एंड वेलनेस एम्बेसडर (अयोग्य दूत) का चयन कर अभी तक 217 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। साथ ही 140 शाला प्रमुख (प्राचार्य) में से 122 को अभी प्रशिक्षित किया जा चुका है। स्कूलों में मंगलवार को उमंग सत्र आयोजित कर किशोरों को आईएफए टेबलेट का संवितरण किया जाता है।
जिला समन्वयक ओम प्रकाश उरैती ने बताया कि कक्षा 9वीं से 12वीं कक्षा तक अलग अलग सत्र आयोजित किए जाते है। इस दौरान और सभी को जस्ट आस्क चैट बोट के उपयोग के बारे जानकारी दी गई एवं इसकी उपयोगिता बढ़ाने के लिए सभी संस्थाओं में बार कोड लगाने की अपील की गई है।
कलेक्टर हर्ष सिंह द्वारा राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत समस्त केंद्रों में परामर्शदाओं की पदस्थापना किए जाने व परामर्श सेवाएं आउट रिच गतिविधि गुणवत्तापूर्ण निरंतर जारी रखने के लिए एवं आयुष्मान भारत-उमंग उच्च शिक्षा एवं स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम अंतर्गत शेष शिक्षकों को आरोग्य दूत के रूप में प्रशिक्षित करने तथा जस्ट आस्क चैट बोट की उपयोगिता बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए है।
बैठक में जनजाति कार्य विभाग के सहा. आयुक्त डॉ. संतोष शुक्ला, जिला शिक्षा अधिकारी रत्ती सिंह सिंन्द्राम, महिला बाल विकास के जिला जिला कार्यक्रम अधिकारी श्याम सिंगौर सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं एनजीओ प्रतिनिधि मौजूद रहे।

