भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राजधानी स्थित मंत्रालय में कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया।
बता दे कि मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक 15 दिन बाद हुई है। पिछले मंगलवार को वाराणसी में केंद्रीय मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई सुरक्षा व्यवस्था संबंधी बैठक के चलते कैबिनेट बैठक नहीं हो पाई थी।
बैठक प्रारम्भ होने से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत खेत का पानी खेत में संचित करने के उद्देश्य से प्रदेश में 85 हजार से अधिक खेत तालाबों का निर्माण किया है। भूजल संवर्धन के लिए 1 लाख से अधिक कुओं का पुनर्भरण किया। पानी की अमृत बूंद को सहेजने के लिए अमृत सरोवर 2.0 के तहत 1 हजार से अधिक नए अमृत सरोवरों का निर्माण प्रारंभ हुआ है। शहरी क्षेत्र में समाज की सहभागिता से 33 सौ से अधिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन, 22 सौ नालों की सफाई और 4 हजार वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाई गईं।
इसके साथ ही 40 लाख से अधिक नागरिकों ने 5 हजार से अधिक ऐतिहासिक/धार्मिक जल स्रोतों (बावड़ी, मंदिर, तालाबों आदि) की सफाई और जीर्णोद्धार में भाग लिया। अभियान के अंतर्गत 2 लाख 30 हजार जलदूतों का पंजीकरण हुआ एवं नर्मदा परिक्रमा पथ और पंचक्रोशी यात्रा जैसे अन्य तीर्थ मार्गों का डिजिटलीकरण किया गया।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि वन क्षेत्रों में वन्यजीवों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 25 सौ से अधिक तालाब, स्टॉप डेम जैसी जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण किया। प्रदेश की 15 हजार से अधिक जल संरचनाओं और जल संग्रहण संरचनाओं को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने का कार्य भी अभियान के अंतर्गत किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मानसून में रोपण के लिए 6 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं।
कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि गांधीनगर (गुजरात) स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) का कैम्पस भोपाल में खुलेगा। इस विश्वविद्यालय के लिए मोहन कैबिनेट ने मंगलवार को राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में 10 एकड़ जमीन देने का निर्णय लिया है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जर्जर 1766 पुलों की मरम्मत के लिए 4572 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।
कैबिनेट ने आज वृंदावन ग्राम योजना का भी अनुमोदन कर दिया है। प्रत्येक विधानसभा (230) में एक वृंदावन ग्राम विकसित किया जाएगा। जिसके 27 मानक होंगे।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत प्रदेश में बनाए गए पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिससे आवागमन में दिक्कत हो रही है। इसलिए सरकार ने मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के माध्यम से इन सड़कों और पुलों को सुधारने का निर्णय लिया है। 1766 पुलों के निर्माण के लिए 4572 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है।
उन्होंने आगे बताया कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर का कैम्पस भोपाल के लिए स्वीकृत हुआ है। इसके लिए 10 एकड़ जमीन आरजीपीवी कैम्पस में दी जाएगी। जब तक आरआरयू का अपना भवन नहीं बनेगा, तब तक आरजीपीवी के भवन से संचालित किया जाएगा। जब रक्षा विश्वविद्यालय अपना कैम्पस तैयार कर लेगा, तो वहां शिफ्ट हो जाएगा। इस संस्थान के आने से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रोजगार और कौशल के लिए एमपी के बच्चों को मौका मिलेगा। राज्य और राष्ट्र स्तर के मामले में मजबूती मिलेगी। हायर एजुकेशन के क्षेत्र में भी इससे प्रगति होगी।
कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ‘एक बगिया मां के नाम’ से नई योजना प्रारंभ करने जा रही है, जिसमें स्व-सहायता समूह की 30 हजार महिलाएं आजीविका संवर्धन के लिए 30 हजार एकड़ भूमि पर 30 लाख उद्यानिकी पौधों का रोपण करेंगी। इस पर करीब 900 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस भूमि पर फल उद्यान का विकास किया जाएगा।
डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इस योजना में हितग्राहियों को पौधे, खाद, गड्ढे खोदने के साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए तारफेंसिंग और सिंचाई के लिए जल कुंड बनाने के लिए भी राशि दी जाएगी। उद्यान विकास के लिए महिला हितग्राहियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान 1 जुलाई से 15 सितंबर तक चलाया जाएगा। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, वन, उद्यानिकी सहित सभी विभाग सहभागिता करेंगे।
सूबे के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश भर में 230 वृंदावन ग्राम बनाए जाएंगे। वृंदावन ग्राम योजना के तहत गांव की आबादी दो हजार होना चाहिए एवं गांव में पांच सौ गोवंश होने चाहिए। यह आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाएगा।
वृंदावन ग्राम में गौशाला, पंचायत भवन, स्वास्थ्य भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल भवन, सामुदायिक भवन, यात्री प्रतीक्षालय, सोलर स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक वितरण की दुकान, पुस्तकालय, ग्रामीण आजीविका स्थल, ड्रिप एरीगेशन, हर घर जल, शांति धाम, सार्वजनिक शौचालय, सार्वजनिक उद्यान, हर घर सोलर ऊर्जा, जल निकासी के लिए नाली, बायोगैस प्लांट एवं गांव से कनेक्टिविटी मौजूद होंगी।


