डिंडोरी। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पाण्डेय के मार्गदर्शन में सोमवार को जिला चिकित्साल डिंडोरी में कार्डियो-पल्मोनरी रिसटेशन (सीपीआर) जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ किया गया।
अभियान का मुख्य उद्देश्य यह है कि जन समुदाय में (सीपीआर) के महत्व को प्रवर्तित एवं परिवर्धित करना है, ताकि आम नागरिक आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल जीवन रक्षक सहायता देने में सक्षम हो सके।
इस दौरान बताया गया कि वयस्कों के लिए सीपीआर में 30 बार दबाव दें और उसके बाद 2 साँसें लें। इसे “30:2” कहते हैं। लगभग 2 मिनट में 30:2 के 5 सेट करने का लक्ष्य रखें (यदि आप केवल दबाव दे रहे हैं, तो प्रति मिनट लगभग 100 से 120 दबाव का लक्ष्य रखें)।
सीपीआर में शामिल चरणों को संक्षिप्त नाम डीआरएस एबीसीडी के माध्यम से याद किया जा सकता है।
डी-खतरा: खतरे की जांच करें और आगे बढ़ने से पहले सुनिश्चित करें कि क्षेत्र सुरक्षित और खतरों से मुक्त है
आर-प्रतिक्रिया: रोगी की प्रतिक्रिया की जांच करें और देखें कि क्या वे सामान्य रूप से सांस ले रहे हैं।
S–मदद के लिए भेजें: अगर मरीज़ कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है, तो मदद के लिए भेजें। आपातकालीन सेवाओं को कॉल करें या सहायता के लिए चिल्लाएँ और किसी को ऐसा करने का निर्देश दें और एम्बुलेंस बुलाने का अनुरोध करें। आपातकालीन सेवा संचालक एम्बुलेंस आने तक आपको सीपीआर के बारे में मार्गदर्शन करेगा।
ए-वायुमार्ग: रोगी की नाक, मुँह एवं गले की जाँच करें कि उसका वायुमार्ग साफ़ हैं। किसी भी बाहरी पदार्थ और रुकावट, जैसे उल्टी, खून या भोजन को हटा दें।
बी-साँस लेना: जाँच करें कि क्या रोगी सामान्य रूप से साँस ले रहे हैं? उनकी साँसों को देखें, सुनें और महसूस करें। अगर वे सामान्य रूप से साँस ले रहा हैं, तो उन्हें धीरे से करवट पर लिटाएँ (रिकवरी पोज़िशन)। यह करवट की स्थिति सुनिश्चित करती है कि उनके वायुमार्ग खुले है। अगर वे सामान्य रूप से साँस नहीं ले रहे हैं या बिल्कुल भी साँस नहीं ले रहे हैं, तो सीपीआर शुरू करें।
सी- सीपीआर: सीपीआर शुरू करें, 30 बार छाती को दबाएं और उसके बाद दो बार मुंह से मुंह में सांस लें।
डी-डिफाइब्रिलेटर: स्वचलित बाह्य डिफाइब्रिलेटर (एईडी) उपलब्ध होने तक सीपीआर जारी रखें । एईडी के पैड को रोगी की त्वचा पर लगाएँ और एईडी द्वारा दिए गए ध्वनि संकेतों का पालन करें।
उक्त क्रीम के संबंध में 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को कार्डियो-पल्मोनरी रिसटेशन (सीपीआर) जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत जांच किया जाना है और सीपीआर 2 मिनट के सुझाव बताते हुए जागरूक किया जाना है।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. अजय राज, डॉ. अरुणेंद्र गौतम, डॉ. जयश्री मरावी, हॉस्पिटल मैनेजर योगेंद्र गौतम, जिला कार्यक्रम प्रबंधक दिलीप कच्छवाहा, जिला समन्वयक ओम प्रकाश उरैती सहित अन्य स्वास्थ कर्मी मौजूद रहे।


