सीधी। जिले के मझौली थाना क्षेत्र की एक दुष्कर्म की घटना में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है।
बताया गया कि 16 जून 21 को मुखबधिर युवती के पिता ने थाना मझौली में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि आरोपी बाबूलाल यादव एवं सीताराम यादव के द्वारा 15 जून 2021 को मूकबधिर युवती को घर मे अकेला पाकर जबरदस्ती करते हुए बलात्संग की घटना को अंजाम दिए थे।
मझौली पुलिस के द्वारा दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 376डी, 376(2)(एल), 450 ताहि एवं दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 92 के तहत वीडियो प्र.सू. पत्र लेखकर मामले को विवेचना में लिया गया।
पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रकरण को जघन्य सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी में चिन्हित किया गया।
पुलिस द्वारा विवेचना उपरांत आरोपियों के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए अपर लोक अभियोजक रमाशंकर दुबे द्वारा मामला संदेह से परे प्रमाणित कराया गया, परिणामस्वरूप विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) के द्वारा निर्णय पारित करते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला प्रमाणित पाए जाने पर धारा 450 भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपए का अर्थदण्ड एवं धारा 376(1) भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपए के अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया गया।


