इंदौर। करोड़ों की जमीन की जालसाजी में नायब तहसीलदार सहित अन्य गिरोह के सदस्यो पर पुलिस थाने में मामला दर्ज होने से हड़कंप मचा है।
नायब तहसीलदार ने जालसाज गिरोह के साथ मिलकर ब्लैकमेल करने का प्रयास किया था। फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने में नायब तहसीलदार भी शामिल था। राजनेताओं से जुड़ा होने के कारण पुलिस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
आयुक्त ने मामलें में जांच के आदेश दिए है।
बता दे कि राजेंद्र नगर थाना में गोपुर कॉलोनी निवासी आवेदक अच्युत पद्माकर और उनकी पत्नी सरिता पद्माकर ने आरोपी निलेश पिता जगदीश भावसार निवासी स्कीम-71, योगेंद्र उर्फ कृष्णा पिता लोकेंद्र सिंह राठौर निवासी नरेंद्र तिवारी मार्ग एवं अजय जैनकर निवासी सुदामा नगर (ई-सेक्टर) के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और धनराशि मांगने व ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज करवाई।
राजेंद्र नगर थाना प्रभारी सियाराम सिंह गुर्जर के मुताबिक मामले की जाँच उपनिरीक्षक प्रदीप यादव ने किया।
पुलिस ने अच्युत पद्माकर, सरिता पद्माकर के साथ साक्षी संतोष भाटी और प्रमोद वाइकर से पूछताछ की।
आवेदकों की हुक्माखेड़ी में 11325 वर्गफीट की बेशकीमती जमीन है। अनावेदकों ने विक्रय अनुबंध, पूर्ण भुगतान रसीदें और कब्जा रसीदें तैयार करवा ली। आरोपियों ने दंपती की भूमि को 36 लाख में क्रय करना दर्शाया और दावा किया कि उन्होंने पूर्ण भुगतान कर दिया है।
आरोपियों ने उलझाने के उद्देश्य से दंपती के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर कर दिया। विवादित मसला बनाने के बाद तोड़बट्टा करना शुरू कर दिया। पुलिस ने इस मामले में कोर्ट से आर्डरशीट, प्रस्तुत दस्तावेजों की प्रति मांगी और पाया कि साजिश में नायब तहसीलदार कृष्णा राठौर भी शामिल है।
राजेंद्र नगर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली।
बताया गया कि नायब तहसीलदार कृष्णा राठौर भाजपा नेताओं का रिश्तेदार है।


