इंदौर। निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत पहले चरण की लाटरी खुल गई है।
जिले के एक हजार से अधिक स्कूलों में 4788 सीटों पर प्रवेश होना है। अधिकांश स्कूलों में प्रवेश दिया जा रहा है, लेकिन कुछ स्कूल मनमानी करते हुए पालकों को प्रवेश देने से मना कर रहे है।
सोमवार को चमेली देवी स्कूल पहुंचे पालकों को स्कूल प्रबंधन ने लौटा दिया। इसके बाद मंगलवार को पालकों के साथ ब्लाक रिसोर्स को-आर्डिनेटर (बीआरसी) खुद स्कूल पहुंचे, इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन ने प्रवेश देने से मना कर दिया। अब बीआरसी ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। इसमें किसी भी हाल में 22 मार्च तक आरटीई के तहत प्रवेश देने के लिए कहा है।
मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में पालक आरटीई के तहत प्रवेश लेने के लिए चमेली देवी स्कूल केसरबाग पहुंचे। यहां स्कूल प्रबंधन ने प्रवेश देने से मना कर दिया है। परिसर के बाहर पालक प्रदर्शन करते रहे। कुछ देर में मौके पर पहुंचे शहरी-वन के बीआरसी नीरज गर्ग ने जब स्कूल प्रबंधन से चर्चा की तो प्रबंधन ने बताया कि स्कूल में एक ही सेक्शन में नर्सरी कक्षाएं संचालित होती है। इस सेक्टर में बरीब 30 बच्चों को लिया जाता है। बावजूद शिक्षा विभाग ने स्कूल के लिए 40 सीटें आरक्षित कर दी है। ऐसे में प्रवेश कैसे दिया जाएगा।
बीआरसी ने बताया कि स्कूल प्रबंधन को प्रवेश देने के लिए कहा गया है, बावजूद वे तैयार नहीं है। इसलिए नोटिस जारी किया है। इसमें 22 मार्च तक किसी भी हाल में प्रवेश देने के लिए कहा है। नोटिस के माध्यम से हमने यह भी कहा है कि अगर 22 मार्च तक प्रवेश नहीं हुआ तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


