सिंगरौली। जिले में अवैध तरीके से रेत खदानों का संचालन किये जाने पर ठेका प्राप्त कंपनी सहकार ग्लोबल लिमिटेड, जिला प्रशासन और खनिज विभाग के नेक्सस को लेकर जब मीडिया द्वारा सिंगरौली कलेक्टर से संपर्क करने का प्रयास करते हुए उन्हें मोबाइल पर फोन किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
उधर, दूसरी तरफ जब इस मामले को लेकर सिंगरौली के जिला खनिज अधिकारी एके राय को मोबाइल पर फोन करके उनका पक्ष जानना चाहा गया तो वो इन दो बड़े आरोपों जिसमें खदानों के जमीनों की रजिस्ट्री न कराया जाना और निर्धारित स्थलों के बजाय कई किलोमीटर दूर अवैध तरीके से खदानों का संचालन किये जाने का सवाल सुनकर हड़बड़ा गए और उन्होंने हास्यास्पद तरीके का बयान देते हुए कहा कि अभी लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगी है, आचार संहिता के उतरने के बाद ही हम इस मामले में कोई बयान दे पाएंगे।
रोचक बात ये है कि रुटीन के प्रशासनिक कार्यों में प्रशासनिक पक्ष बताने में ऐसी कौन सी आचार संहिता का यहां उल्लंघन होता है, जिसकी वो बात कर रहे हैं। वैसे भी सीधी संसदीय सीट पर तो चुनाव प्रथम चरण में ही संपन्न हो चुके हैं।
इस पूरे मामले में अब देखना बाकी होगा कि सिंगरौली जिले में चल रहे बड़े माइनिंग घोटाले को लेकर जिले के कलेक्टर और माइनिंग अधिकारी इस पर कुछ कार्यवाही करते भी हैं या वो अपनी कार्यवाहियां न किए जाने से खुद-ब-खुद इस बात को सच साबित करते हैं कि प्रशासन की भी इस अवैध मीनिंग घोटाले में नेक्सेस का एक हिस्सा हैं।


