इंदौर। चर्चित चिंटू हत्याकांड का आरोपी नारू उर्फ नारायण वर्मा द्वारकापुरी थाना प्रभारी एवं उपनिरीक्षक से भिड़ गया।
पुलिस को गाड़ी में बैठाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।
इतना ही नहीं गुंडे ने पुलिसवालों की वर्दी पकड़ ली और देख लेने की धमकी दी।
बदमाश एक व्यवसायी से दो लाख रुपये की मांग कर रहा था।
एडिशनल डीसीपी (जोन-4) आनंद कुमार यादव के मुताबिक कुख्यात गुंडा नारायण उर्फ नारू वर्मा कुछ दिनों पूर्व ही जेल से छूटा है। उसने जनवरी 2022 में भूपेंद्र उर्फ चिंटू वर्मा की हत्या कर शव ड्रम में डालकर जला दिया था।
आरोपी ने फ्लेक्स व्यवसायी शुभम तिलवाड़िया को अहीरखेड़ी में श्मशान के पास रोका और कट्टा अड़ाकर कहा कि मुझे दो लाख रुपये चाहिए। उस वक्त नारू के साथ चीनू उर्फ काला भी मौजूद था। रुपये न देने पर चिंटू की तरह हत्या करने की धमकी दी। चीनू ने चाकू अड़ाया और नारू ने कनपटी पर कट्टा रख दिया।
जैसे ही पुलिस को खबर मिली द्वारकापुरी थाना प्रभारी अनिल गुप्ता, उपनिरीक्षक आलोक मिठास जवानों को लेकर नारू को ढूंढने जा पहुंचे।
पुलिस ने नारू को विदुर नगर में घेर लिया।
इस दौरान नारू द्वारकापुरी थाना प्रभारी अनिल गुप्ता से हुज्जत करने लगा और पुलिस कर्मियों की वर्दी पकड़ ली। साथ ही नारू के परिजन भी उलझ गए। काफी मशक्कत के बाद उसे पुलिस की गाड़ी में बैठाया।


