जबलपुर। शिक्षक दिवस पर स्वीप शाखा (कलेक्ट्रेट) जबलपुर एवं भारत विकास परिषद महाकोशल प्रांत के संयुक्त संयोजन में, संस्कृति थियेटर भँवरताल में शिक्षक दिवस पर आयोजित गरिमामय समारोह में भावी राष्ट्र निर्माता शिक्षकों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि सम्मान प्राप्त करने वाले तथा सम्मान प्रदान करने वाले समस्त लोग एक ही शैक्षिक वर्ग से प्राथमिक शिक्षक से लेकर कुलगुरु तक के शिक्षक मौजूद रहे।
कार्यक्रम रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा के मुख्यातिथ्य एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनोज सिंह की अध्यक्षता एवं लोक शिक्षण जबलपुर के संयुक्त संचालक प्राचीश जैन संयुक्त संचालक तथा भारत विकास परिषद के क्षेत्रीय प्रमुख सुनील कोठारी के विशिष्ट आतिथ्य तथा मंच पर प्रांत के अध्यक्ष संजय तिवारी, जबलपुर शाखा की अध्यक्ष रश्मि कुलकर्णी उपस्थित रही।
भारत विकास परिषद के सचिव डॉ. निलेश पांडे, डॉ. प्रमोद श्रीवास्तव के संयोजन में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर मुख्यातिथि कुलगुरू ने कहा कि जीवन में हर मोड़ पर अंधकार से प्रकाश की ओर उन्मुख कर समयोचित शिक्षा प्रदाता हमारे सच्चे गुरू, मार्गदर्शक, शिक्षक ही होते हैं । कार्यक्रमाध्यक्ष ने अनादि काल से आज पर्यन्त “शिक्षक” की महत्ता रेखांकित करते हुये कहा कि शिक्षकों का सम्मान हमारा नैतिक दायित्व है।
प्राचीश जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्र निर्माण में विशिष्ट योगदान प्रदाता,आधार से शिखर” तक पहुंचाने में शिक्षकों की अग्रणी भूमिका है।
डॉ. नीलेश पाण्डे ने आज के परिवेश में शिक्षकों के पर्याप्त सम्मान आज के परिवेश की महती आवश्यकता प्रतिपादित की।
इस अवसर पर स्वीप शाखा एवं परिषद् द्वारा सेवा भावी 150 शिक्षकों को मान-पत्र प्रदान कर एवं “संस्कृति” प्रतीक ओढ़ाकर आत्मीय सम्मान किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ वीणापाणि माँ सरस्वती जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलन से हुआ सरस्वती वंदना डॉ. दुर्गेश ब्योहार ने प्रस्तुत की। तदोपरांत अतिथियों ने सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन् जी के तैल्य चित्र पर श्रद्घासुमन अर्पित किये।
सम्पूर्ण आयोजन का सफल मंच संचालन डॉ. प्रमोद श्रीवास्तव द्वारा तथा आभार प्रदर्शन निलेश पांडे द्वारा किया गया।
भारत विकास परिषद से शैलेंद्र जेधा विपुल धर्मेंद्र कुशवाहा न्यास के प्रांत संयोजक डॉ. राजेन्द्र कुरारिया, स्वीप शाखा के डॉ. एम के रिछारिया, डॉ. शुभम जैन, प्रमोद बर्मन एवं अतुल दास इत्यादि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

