भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवे दिन सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई। इस दौरान विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा।
विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि सभी विधायकों से बात कर लें तो मिशन की सच्चाई सामने आ जाएगी।
सांची से भाजपा विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने भी कहा कि कई जगह ऐसी भी हैं, जहां नल लगे हुए हैं लेकिन पानी नहीं आता है। उन्होंने जांच के बाद दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग की।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसका जवाब देते हुए कहा कि इसे लेकर कलेक्टरों को निर्देश जारी किए जाएंगे और नल जल से पानी मिलने की व्यवस्था कराई जाएगी।
इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा पूरे प्रदेश में जल जीवन मिशन में घोटाला हो रहा है। विधानसभा अध्यक्ष इस पर व्यवस्था तय करें। कैलाश विजयवर्गीय ने सिंघार की बात पर आपत्ति जताई और इसे सदन की कार्यवाही से विलोपित करने की मांग की। इस पर शोर-शराबे की स्थिति बनी तो विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर बोले कि प्रश्नकाल के दौरान ऐसी स्थिति नहीं बनने देनी चाहिए। अनुमति लेकर अपनी बात कहनी चाहिए।’
जिसके बाद विपक्षी विधायकों ने इस पर हंगामा करते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया। सदन से बाहर आकर उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।


