भोपाल। प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में कई क्षेत्रों में अतिभारी वर्षा का दौर जारी है।
पिछले 24 घंटों के दौरान रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पूर्वी मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर अतिवृष्टि हुई। इसके तहत सबसे अधिक कटनी में 235.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
इसके अलावा पन्ना के राजपुरा में 211, सागर में गढ़ाकोटा में 190.8, मैहर के रामनगर में 187.2, जबलपुर के बरगी में 186.2, उमरिया के चांदिया में 182.2, शहडोल के जयसिंह नगर में 175, सिंगरौली के देवसर में 167.2, दमोह के तेंदूखेड़ा में 165.8, विदिशा के पठारी में 156, मंडला के बिछिया में 155.6, रीवा के गुढ़ में 145, सीधी के रामपुर नैकिन में 136.5 मिमी. वर्षा हुई, जो अति भारी वर्षा में दर्ज की गई।
इसके अतिरिक्त भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में दमोह में 134, रीवा में 132.6, जबलपुर में 129, सागर में 113.4, सतना में 109.1, सीधी में 104.2, उमरिया में 100.2, खजुराहो में 93.6, भोपाल में 63.4, नरसिंहपुर में 61, पचमढ़ी में 50 मिलीमीटर वर्षा हुई।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक रविवार-सोमवार को सागर, भोपाल, उज्जैन संभाग के जिलों में कई स्थानों पर एवं ग्वालियर, इंदौर संभाग के कुछ स्थानों पर अति भारी वर्षा होने के आसार हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक गहरा अवदाब का क्षेत्र वर्तमान में उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान पर भी कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। कम दबाव के क्षेत्र से लेकर मानसून द्रोणिका उत्तरी मध्य प्रदेश से गहरा अवदाब के क्षेत्र से होकर झारखंड, डाल्टनगंज से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। दक्षिणी गुजरात से लेकर केरल तक अपतटीय द्रोणिका भी बनी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि गहरे कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से पूरे प्रदेश में वर्षा हो रही है।
रविवार-सौमवार को सागर, भोपाल, उज्जैन संभाग के जिलों में कई स्थानों पर एवं ग्वालियर, इंदौर संभाग के कुछ स्थानों पर अति भारी वर्षा होने के आसार हैं। शेष क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा का सिलसिला बना रह सकता है।


