इंदौर। इंदौर-खंडवा राजमार्ग को पूरा करनेे का वक्त नजदीक आ चुका है। इन दिनों निर्माण एजेंसी सुरंग को बनाने में लगी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने तीन सुरंग के लिए मार्च तक की डेडलाइन रखी है। इसके संबंध में एजेंसी को समयावधि में काम पूरा करने के निर्देश दिए है। वैसे, अभी 45 फीसद काम खत्म हुआ है।
राजमार्ग को फोरलेन बनाया जा रहा है, लेकिन भविष्य को देखते हुए सुरंग सिक्स लेन रखी है। दोनों तरफ से वाहनों को निकलने के लिए तीन-तीन लेन रखी है। अधिकारियों के मुताबिक इन दिनों सुरंग के भीतर निर्माण चल रहा है। चट्टानों को मजबूती देने के लिए तारों का जाल बिछाया जा रहा है। उस पर कांक्रीट की लेयर चढ़ाई जाएगी।
216 किमी लम्बे इंदौर-खंडवा-एदलबाद राजमार्ग को बनाने में 900 से ज्यादा करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। मेघा इंजीनियरिंग ने इंदौर-बड़वाह दो हिस्सों में सड़क बना रहा है। इंदौर से बड़वाह के बीच तीन सुरंग रखी है, जो भेरुघाट, बाइग्राम और चोरल में बनाई गई है। इनकी चौड़ाई 16 मीटर और ऊंचाई 10 मीटर रखी गई है।
ब्लास्टिंग के माध्यम से पहाड़ों को चीरकर रास्ता निकाला है। यह काम अगस्त में पूरा हो चुका है। तीनों सुरंग के दोनों छोर की ड्रिलिंग हो गई है। अब इनकी दीवारों का संरचनात्मक को मजबूत करने के लिए कंक्रीट या स्टील का काम किया जा रहा है। सुरंग को ग्राउंड सपोर्ट देने के लिए एजेंसी आस-पास निर्माण कर रही है।
सुरंग के भीतर विद्युतीकरण भी होना है। इसके लिए दिसंबर में बिजली की लाइन और उपकरण लगाए जाएंगे।
मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट मैनेजर नागेश्वर राव का कहना है कि सुरंग का काम तेज गति से किया जा रहा है। चार से पांच महीनों में सुरंग के भीतर का निर्माण पूरा होगा।
बता दे कि राजमार्ग में तीन सुरंग तैयार की जा रही हैं। इसके माध्यम से वाहन करीब 1300 मीटर का सफर सुरंग से करेंगे। 500-500 बाइग्राम-चोरल और 300 मीटर भेरुघाट की सुरंग की लम्बाई है। मार्च तक सुरंग के भीतर का काम एजेंसी को पूरा करना है। अधिकारियों के मुताबिक सुरंग का निर्माण रात में भी किया जा रहा है। इस संबंध में वन विभाग से अनुमति ली गई है।

