इंदौर। महानगर के इंटर अस्पताल किडनी स्वैप ट्रांसप्लांट से दो मरीजों को नया जीवन मिल पाया है। इसमें दो महिलाओं ने किडनी देकर एक-दूसरे का सुहाग बचाया है। ऐसी सफलता दो अलग-अलग अस्पतालों के डॉक्टरों की पहल से मिली।
जानकारी के मुताबिक मरीज का ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव है, जबकि उनकी पत्नी का बी पॉजिटिव है। वहीं, दूसरे अन्य अस्पताल में 47 वर्षीय मरीज लंबे समय से बीमारी है, उनकी दोनों किडनियां खराब हो चुकी थीं।
डोनर के रूप में पहले उनकी मां सामने आई, परंतु उनकी उम्र अधिक होने के कारण उन्हें डोनर नहीं बनाया जा सकता था। इसके बाद उनकी पत्नी का ब्लड ग्रुप मैच नहीं हो रहा था। ऐसे में दोनों महिलाओं ने एक-दूसरे के पति को किडनी दी।
डॉक्टरों का दावा है कि इंटर अस्पताल किडनी स्वैप ट्रांसप्लांट प्रदेश में पहली बार हुआ है।
ट्रांसप्लांट करने वाले चिकित्सक ने बताया कि ट्रांसप्लांट के लिए सोटो (स्टेट आर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन) से मंजूरी लेनी होती है। हमने रिपोर्ट और दस्तावेज सोटो के हेड डॉ. संजय दीक्षित के सामने प्रस्तुत किए। जांच करने के बाद हमें ट्रांसप्लांट की मंजूरी दी। शर्त थी कि दोनों अस्पतालों में एक साथ एक ही समय पर दोनों ट्रांसप्लांट शुरू करने होंगे, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी या विवाद न हो। जिसके बाद कोऑर्डिनेशन करते हुए एक ही समय पर सफलता पूर्वक यह ट्रांसप्लांट किया गया।

