सीधी। जिले के धान उपार्जन केंद्रों में जब किसान धान को बेंचने के लिए जाएंगे तो वहां उनके फसल की गुणवत्ता की जांच का काम किया जाएगा। जांच के लिए सर्वेयरों को नियुक्ति की गई है।
नियुक्त किए गए सर्वेयर मशीन के माध्यम से यह जांचेंगे कि जो धान की फसल बेंचने के लिए लाई गई है उसमें नमी तो नहीं है। नमी युक्त धान को खरीदने के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।
इसके अलावा जांच के दौरान मशीन से यह भी मालूम किया जाएगा कि उसमें दाना है या नहीं। यदि धान में दाना की मात्रा कम है तो ऐसी फसल को भी खरीदने से मना किया जाएगा।
वहीं, जो धान की फसल बिक्री के लिए किसान लेकर उपार्जन केंद्र में पहुंचेंगे उसमें यह भी देखा जाएगा कि वह पूरी तरह से साफ-सुथरी है या नहीं। यदि धान की फसल में मिट्टी या अन्य सामग्री का मिश्रण है तो उसकी सफाई का काम उपार्जन केंद्र में ही किया जाएगा। जिसका खर्चा किसान को वहन करना पड़ेगा।
धान उपार्जन केंद्र में सेंपल के पास होने के बाद ही उसकी खरीदी होगी। इसको लेकर भी कई बार उपार्जन केंद्रों में विवाद की स्थिति निर्मित होती है।

