अन्नदाताओं का शोषण बंद करो, धान का समर्थन मूल्य चार हजार रुपये करो, किसानों के आव्हान पर 10 दिसंबर को बालाघाट बंद का इंडियन पीपुल्स अधिकार पार्टी का समर्थन

जबलपुर। अधिकार पार्टी किसान प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप मिश्रा ने बताया कि किसानों की धान की फसल कटकर खेतों में रखी हुई है, लेकिन सोसाईटियों ने इसकी खरीदी बहुत देर से शुरू की।
वर्तमान सरकारी मापदंड के अनुसार, एक एकड़ में केवल 18-20 क्विंटल धान की खरीद की जा सकती है। हालांकि, किसान कड़ी मेहनत कर इससे अधिक उत्पादन कर लेते हैं, लेकिन सोसायटी अतिरिक्त उत्पादन नहीं खरीदती।
इस अतिरिक्त उपज को किसानों को बाजार में ले जाकर व्यापारियों को बेचना पड़ता है। लेकिन व्यापारियों की मांग होती है कि किसान पूरी फसल एक बार में लेकर आएं, और फिर वे फसल का मनमाना रेट तय करते हैं। इस तरह मध्यप्रदेश के अन्नदाता शोषण का शिकार हो रहे हैं।
मध्यप्रदेश में वर्तमान में धान का समर्थन मूल्य 2325 रूपए प्रति क्विंटल है, जबकि छत्तीसगढ़ में यह 2700 रुपए प्रति क्विंटल है। बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए, मध्यप्रदेश के किसानों के लिए धान का समर्थन मूल्य 4000 रुपए प्रति क्विंटल किया जाना चाहिए।
बैठक में दिल्ली में हो रहे किसान आंदोलन को भी समर्थन देने का निर्णय लिया गया। साथ ही, बालाघाट में किसान गर्जना संगठन द्वारा किसानों के आव्हान पर 10 दिसंबर 2024, मंगलवार को बालाघाट बंद का समर्थन किया गया है।
इंडियन पीपुल्स अधिकार पार्टी ने किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से अपील की है कि वह उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान करे।
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. पुरुषोत्तम तिवारी, प्रदेश उपाध्यक्ष लीलाधर झारिया, किसान प्रकोष्ठ प्रदेश महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी, जबलपुर जिलाध्यक्ष ओपी बिल्थरिया, शेख मंजूर, वृंदावन शुक्ला, श्यामलाल विनोदिया सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

 

 

 

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