भोपाल। फर्जी कॉल सेंटर से देशभर में लोगों के साथ ठगी करने वाले गिरोह को बचाने की कोशिश करने के आरोप में राजधानी के ऐशबाग थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मी निलंबित किए गए हैं। वहीं, अधिकारियों के निर्देश के बाद पुलिस ने एक सहा. उपनिरीक्षक के घर पर छापा मारकर रिश्वत के पांच लाख रुपये भी बरामद किए हैं।
सहा. उपनिरीक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जांच में सामने आया है कि ऐशबाग के प्रभात चौराहे पर संचालित फर्जी कॉल सेंटर का मास्टर माइंड अफजल का साला टीकमगढ़ निवासी मोईन खान निकला, लेकिन उसे ऐशबाग थाना प्रभारी आरोपी बनाने के लिए तैयार नहीं थे। वह अपने थाने के पूर्व में लाइन हाजिर किए गए सहा. उपनिरीक्षक पवन रघुवंशी और तीन पुलिसकर्मियों के साथ सांठगांठ कर उसे बचाने में लगे थे।
सहा. उपनिरीक्षक पवन रघुवंशी ने 25 लाख रुपये में सौदा तय किया था, जिसकी पहली किस्त देने के लिए आरोपी भोपाल आया तो क्राइम ब्रांच और एसीपी जहांगीराबाद की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में सउनि पवन के घर पर पुलिस ने छापा मारकर रिश्वत के पांच लाख रुपये बरामद की।
पुलिस पूछताछ में सउनि पवन रघुवंशी ने ऐशबाग थाना प्रभारी जितेंद्र गढ़वाल का नाम लिया कि उनके कहने पर 25 लाख रुपये का सौदा तय हुआ हैं। इस पूरी साजिश में सउनि मनोज सिंह और हवलदार धर्मेंद्र सिंह शामिल थे। मामले में पवन रघुवंशी पर केस दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है।
मामला सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर ने ऐशबाग थाना प्रभारी जितेंद्र गढ़वाल समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

