ग्वालियर। व्यापमं कांड के व्हिसल ब्लोअर एवं आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। आशीष चतुर्वेदी के खिलाफ जेएमएफसी कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था, जिसे तामील कराने के लिए पुलिस उनके घर दस्तक दी थी।
पुलिस के घर पहुंचने पर आशीष चतुर्वेदी ने पुलिस के साथ चलने से मना कर दिया। जब पुलिसकर्मियों ने पकड़ा तो बहस होने लगी। फिर आशीष ने अपना सिर घर की दीवार में मारना शुरू कर दिया। जब झांसी रोड थाने के उप निरीक्षक आशीष शर्मा ने उन्हें रोका तो उन पर भी हमला कर दिया।
इससे आशीष शर्मा के सिर में चोट आई, जिसके चलते उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उप निरीक्षक पर हमले के मामले में आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी, उसके पिता ओमप्रकाश चतुर्वेदी और मां विनीता चतुर्वेदी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। आरटीआई कार्यकर्ता आशीष भी कोर्ट से निकलने के बाद निजी अस्पताल पहुंचे।
बता दे कि मार्च 2019 में आशीष के मोबाइल पर हरेंद्र तोमर नाम के व्यक्ति का कॉल आया था। हरेंद्र ने आशीष को धमकी दी थी। इस मामले में आशीष की ओर से झांसी रोड थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। इस प्रकरण में आशीष चतुर्वेदी को बतौर साक्षी कोर्ट में पेश होना है।
लगातार कोर्ट से नोटिस और वारंट जारी होने के बाद भी वह कोर्ट नहीं पहुंचे। इसके चलते जेएमएफसी ज्योत्सना ग्रेबियल द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। इसी के चलते झांसी रोड थाने के उप निरीक्षक आशीष शर्मा फोर्स के साथ आशीष के घर पहुंचे। यहां विवाद हो गया।
झांसी रोड थाना के उप निरीक्षक आशीष शर्मा ने बताया कि आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी के खिलाफ लगातार वारंट जारी हो रहे हैं। वह कोर्ट में पेश होने की तारीख से पहले ही गायब हो जाते थे, इसके चलते हम कोर्ट द्वारा जारी किए गए वारंट की तामील नहीं करा पा रहे थे। इस सिलसिले में जब शनिवार को वह घर पर थे, तभी मैं थाने की फोर्स लेकर पहुंचा। पहले हम घर के बाहर खड़े थे, आशीष ऊपर थे। बार-बार बुलाने पर नीचे नहीं आए। जब घर के अंदर गए तो यहां विवाद करने लगे। अपना सिर दीवार में दे मारा। जब रोका तो मुझ पर ही कोई भारी वस्तु मारी। सीने में मुक्के मारे। सिर से खून निकला और चक्कर आने लगे, तब पता लगा कि सिर में चोट लगी है।
वही, आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी ने बताया कि मेरे खिलाफ कौन-सा वारंट है, यह जानने का मुझे अधिकार है। मैंने इतना ही जानना चाहा था। मैंने एसआई के साथ कोई हाथापाई नहीं की। यह झूठ है, पुलिसकर्मियों ने रिकॉर्डिंग की, जिसमें देखा जा सकता है। मेरे घर में भी कैमरे लगे हैं, जिनकी रिकार्डिंग मेरे पास है।

