इंदौर। आतंकी हमले में पहलगाम में हुए इंदौर के सुशील नाथेनियल की भी मौत हुई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सुनील एमआर-10 स्थित अभिनंदन नगर के निवासी थे। परिजनो ने बताया कि आतंकवादियों ने पहले सुनील को घुटनों पर बैठाया उसके बाद उन्हें कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया। जब उन्होंने अपना धर्म क्रिश्चियन बताया तो आतंकवादियों ने गोलियों से भून दिया। आतंकियों ने उनकी बेटी पर भी गोली चलाई गई जो पैर में लगी। घटना से पहले उन्होंने पत्नी को छिपा दिया था। मृतक सुनील एलआईसी की आलीराजपुर शाखा में पदस्थ थे।
सुशील नथानीयल का पार्थिव शरीर शाम 5.30 बजे इंदौर एयरपोर्ट पहुंचा। पार्थिव शरीर के साथ पत्नी, बेटा और बेटी इंदौर पहुचे है। साउथ तुकोगंज कब्रिस्तान में अंतिम क्रिया संपन्न होगी।
वही, पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहर की दो महिलाएं बाल-बाल बचीं। एक महिला तो भगदड़ में घायल भी हो गई। दूसरी महिला गोलियों की आवाज और पर्यटकों के शव देखने के बाद अवसाद में चली गईं। उनका उपचार चल रहा है। सेना ने इंदौर पुलिस को सूची साझा करते हुए कहा कि महिलाओं का नाम जेनिफर और आकांक्षा है। उनके सामने ही आतंकवादियों ने गोलियां चलाईं।
अंधाधुंध फायरिंग के बाद महिलाएं भागी थीं। एक महिला भागने के दौरान गिरकर घायल हो गई। एक महिला के पास से गोलियां निकल गईं। वह सदमे में है। अति. पुलिस कमिश्नर (कानून) अमित सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की निंदा की है। उन्होंने दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पहलगाम में हुआ आतंकी हमला कायराना और अमानवीय कृत्य है। इसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई है।

