भोपाल जिला पंचायत की बैठक मे उठा जर्जर स्कूल भवनो का मुद्दा, जिपं सदस्य बोले कि कई भवन जर्जर, अगर हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन

DR. SUMIT SENDRAM

भोपाल। जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक में सरकारी स्कूलों की जर्जर बिल्डिंग का मुद्दा उठा।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट सहित जिला पंचायत सदस्य विनय मेहर, विक्रम बालेश्वर, बिजिया राजौरिया ने यह मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि कई स्कूल भवन जर्जर है। यहां हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा?
इस मुद्दे पर डीपीसी आरके यादव ने कहा कि ऐसे भवनों की जांच करवाई जा रही है। निरीक्षण में डोगरा जागीर में टपकती छत के नीचे बच्चे बैठे मिले। पिपलिया में भी यही स्थिति थी। रात 8 बजे छत की सफाई करवाई। जितने संसाधन है, उनसे काम करवा रहे हैं।
जिपं उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने कहा कि सभी स्कूलों का निरीक्षण करें।
जिपं सदस्य बिजिया राजौरिया ने कहा कि अभी तो बोल देंगे लेकिन बाद में कोई काम नहीं करेंगे।
वही, जिपं सदस्य विनय मेहर ने कहा कि पथरिया के स्कूल तालाब में लग रहा है। 3 साल से ऐसा है। 25 साल पुरानी बिल्डिंग है। छत से पानी टपकता है। शासन को मरम्मत करने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल के बच्चे प्राइवेट स्कूल में इसलिए जा रहे कि स्कूल भवन जर्जर है।
जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी ने कहा कि पथरिया में नई बिल्डिंग बनी है, लेकिन कोई उपयोग नहीं हो रही। यदि कोई और सरकारी बिल्डिंग है तो बच्चों को शिफ्ट करें।
सामान्य सभा की बैठक में एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को बुलाने की बात सदस्यों ने उठाई। इसी मुद्दे पर सीईओ इला तिवारी और फंदा जनपद अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत के बीच नोकझोंक भी हो गई।
सीईओ ने लिखित में प्रस्ताव देने की बात कहीं। इस पर प्रमोद सिंह राजपूत ने कहा कि हमने पूर्व में लिखित में दिया था।
इस बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचई, कृषि, पीडब्ल्यूडी, आदिम जाति, वन, महिला एवं बाल विकास विभागों की समीक्षा की गई। इससे पहले होने वाली सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में प्रतिनिधियों की एंट्री नहीं हुई।
बता दें कि बैठक पहले दो बार टाल दी गई थी। 11 जुलाई की तारीख फाइनल की गई थी। पिछले बैठक के दौरान काफी हंगामा हुआ था। उपाध्यक्ष और सदस्यों ने शिक्षा, सड़क समेत कई मुद्दों पर अधिकारियो को घेरा था।

 

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