शाजापुर। बोमा पद्धति से नीलगाय एवं कृष्ण मृग को पकड़कर गांधी सागर अभ्यारण्य मंदसौर शिफ्ट करने के लिए जिले में साउथ अफ्रीका की टीम के मदद से 21 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसी के तहत टीम हवाई मार्ग से इंदौंर और फिर सड़क मार्ग से शुजालपुर पहुंची है।
शुजालपुर रेस्ट हाउस में जिले के वन विभाग की टीम ने साउड अफ्रीका की टीम का परंपरागत तरीके से पुष्पहार पहनाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया।
इस दौरान साउथ अफ्रीका की टीम काफी उत्साहित दिखी। एक छात्रा तिरंगा ध्वज लेकर टीम के स्वागत को पहुंची।
साउथ अफ्रीका की टीम द्वारा आज स्थानीय टीम से साथ चर्चा कर अभियान को लेकर विस्तृत प्लानिंग की गई।
अभियान को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी काफी उत्साह देखा जा रहा है। दरअसल जिले में पहली बार साउथ अफ्रीका की टीम की मदद से बोमा पद्धति से नीलगाय और कृष्ण मृग को पकड़कर अन्य स्थान पर छोड़ने का अभियान चलेगा। इसके लिये वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है।
गौरतलब है कि जिले में बड़ी संख्या में नीलगाय और कृष्ण मृग हैं, यह खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे राहत के लिए जिले के किसानों द्वारा काफी समय से आवाज उठाई जा रही थी। किसानों की परेशानी को देखते हुए उच्चशिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार विधानसभा में भी आवाज उठा चुके हैं।
अभियान के दौरान नीलगाय व कृष्ण मृग की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में हेलीकाप्टर से हांका लगाकर उन्हें बोमा पद्धति से बनाये गये बाड़े तक लाया जाएगा। इस बाड़े से उन्हें ट्रक में शिफ्ट करके मंदसौर भेजा जाएगा। बोमा बनाने का सामान करीब ड़ेढ़ वर्ष पहले ही जिल में पहुंच गया था। उस समय हेलीकाप्टर और साउथ अफ्रीका की उपलब्धता के कारण अभियान नही चल पाया था लेकिन वह अब चलेगा।


