भोपाल। एसआईआर में धीमी प्रगति पर एक बार फिर चुनाव आयोग ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित बड़े शहरों वाले जिलों के कलेक्टरों को फटकार लगाई है।
चुनाव आयोग की निदेशक शुभ्रा सक्सेना ने इन कलेक्टरों से कहा है कि अगर अगली मीटिंग के पहले एसआईआई डिजिटाइजेशन में सुधार नहीं हुआ तो कलेक्टरों सहित उनके अधीनस्थ अमले पर कार्रवाई होना निश्चित है।
शुभ्रा सक्सेना ने यह नाराजगी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ली गई कलेक्टरों की मीटिंग में जताई है।
वही, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राजनीतिक दलों की बैठक लेकर भी इस काम में तेजी लाने के लिए कहा है।
बुधवार को चुनाव आयोग के अधिकारियो ने एक बार फिर एसआईआई के गणना पत्रक वितरण और डिजिटाइजेशन को लेकर कलेक्टरों के साथ संवाद किया।
जानकारी के मुताबिक शहडोल, उमरिया, अनूपपुर जैसे छोटे जिलों की स्थिति में सुधार आया है। इन जिलों में पिछली मीटिंग में गड़बड़ पर कलेक्टरों को डांट पड़ी थी, लेकिन भोपाल, इंदौर, ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में डिजिटाइजेशन का प्रतिशत काफी कम है। इसके चलते चुनाव आयोग की निदेशक शुभ्रा सक्सेना ने इन कलेक्टरों से नाराजगी जताते हुए कहा कि वे अगली बैठक के पहले परफार्मेंस सुधार लें अन्यथा चुनाव आयोग कार्यवाही करेगा। इन जिलों का डिजिटाइजेशन प्रतिशत अभी दस से कम ही है।
भोपाल जिले में गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन में सबसे अच्छी प्रोग्रेस बैरसिया विधानसभा में है। यहां 28.86 प्रतिशत दस्तावेज डिजिटाइज हुए हैं। वहीं भोपाल उत्तर, नरेला, भोपाल दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 5.07 प्रतिशत, 5.57 और 5.58 प्रतिशत डिजिटाइजेशन हुआ है।
भोपाल मध्य, गोविन्दपुरा, हुजूर विधानसभा में 4.38 प्रतिशत, 5.69 और 10.80 प्रतिशत गणना पत्रर डिजिटाइज हुए हैं।
इस तरह भोपाल जिले का औसत डिजिटाइजेशन प्रतिशत 8.77 है।


