सागर। जिले के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से एक उत्साहजनक खबर सामने आई है। करीब एक वर्ष पहले पेंच टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू कर यहां लाई गई बाघिन एन-6 ने पहली बार चार शावकों को जन्म दिया है। सोमवार नियमित गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने एक गुफा के बाहर बाघिन को अपने चार नन्हे शावकों के साथ देखा। इस मनमोहक दृश्य को वनकर्मियों ने कैमरे में कैद भी किया।
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बाघिन और उसके सभी शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं।
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रजनीश सिंह के मुताबिक पेंच से लाई गई इस बाघिन का यह पहला प्रसव है और इसे रिजर्व प्रबंधन बड़ी उपलब्धि मान रहा है।
उन्होंने बताया कि रिजर्व में अनुकूल वातावरण, पर्याप्त शिकार और सुरक्षित क्षेत्र उपलब्ध होने से बाघों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।
इन चार नए शावकों के जन्म के साथ ही टाइगर रिजर्व में बाघों की कुल संख्या 30 के पार पहुंच गई है।
शावकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने विशेष इंतजाम किए हैं।
शुरुआती दो साल को सबसे संवेदनशील मानते हुए इलाके में ट्रैकर कैमरे लगाए गए हैं और वन अमले की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं, ताकि किसी भी बाहरी खतरे से उन्हें सुरक्षित रखा जा सके।
इस उपलब्धि से न सिर्फ वन विभाग के प्रयासों को बल मिला है, बल्कि वन्यजीव प्रेमियों में भी खुशी की लहर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाघों की बढ़ती संख्या क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगी और भविष्य में पर्यटन को भी बढ़ावा देगी।


