रीवा। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ रीवा (ईओडब्लू) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुढ़ तहसील में पदस्थ तहसीलदार के कम्प्यूटर ऑपरेटर भगवानदीन चौरसिया को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
आरोपी कम्प्यूटर ऑपरेटर आवेदक की बेटी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस)
प्रमाण पत्र के सत्यापन (ईडब्लूएस) के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। इसके लिए वह लगातार परेशान कर रहा था और काम को रोककर रखा था।
जानकारी के मुताबिक बृजेन्द्र मणि त्रिपाठी, निवासी ग्राम नर्रहा, तहसील गुढ़ जिला रीवा जो पेशे से किसान हैं। उनकी बेटी का चयन एकलव्य आवासीय विद्यालय के लिए हुआ था। जिसमें ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए संबंधित आवेदन तहसील कार्यालय गुढ़ में जमा हुआ था।
आरोप है कि तहसीलदार का कम्प्यूटर ऑपरेटर भगवानदीन चौरसिया जानबूझकर सत्यापन की प्रक्रिया को टाल रहा था तथा कार्य कराने के बदले 10 हजारु की रिश्वत की मांग कर रहा था।
सोमवार देर शाम आरोपी कम्प्यूटर ऑपरेटर ने फरियादी को रिश्वत की राशि देने के लिए तहसील कार्यालय गुढ़ बुलाया। लेकिन, पहले से योजनाबद्ध कार्रवाई के तहत ईओडब्ल्यू रीवा की टीम ने उसे 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
ईओडब्लू द्वारा आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान ईओडब्लू निरीक्षक प्रियंका पाठक, हरीश त्रिपाठी, उप निरीक्षक गरिमा त्रिपाठी, भावना सिंह, रुचिका सूर्यवंशी, संतोष पाण्डेय, प्रधान आरक्षक पुष्पेन्द्र पटेल, सत्यनारायण मिश्रा, घनश्याम त्रिपाठी, अजय पाण्डेय, अमित कुमार दुबे सहित अन्य मौजूद रहे।


