एलपीजी सिलेंडर और वैकल्पिक स्रोतों पर खाद्य मंत्री का बड़ा बयान

भोपाल। इजराइल-ईरान के युद्ध का मध्यप्रदेश पर असर अब साफ नजर आ रहा है।
प्रदेश में कमर्शियल सिलेंडरों की बुकिंग बंद कर दी गई है। कई शहरों में तो ये सिलेंडर मिल ही नहीं रहे हैं। घरेलू सिलेंडर के लिए भी कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं।
इसी बीच प्रदेश खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का बड़ा बयान सामने आया है।
उन्होंने कहा है कि प्रदेश में एलपीजी उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कहना है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल एवं घरेलू गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है एवं आपूर्ति बनी हुई है। साथ ही उन्होंने वैकल्पिक ईंधन स्रोतों के इस्तेमाल की भी बात कही है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि किसी भी स्थिति में वितरक स्तर पर एलपीजी सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी की स्थिति निर्मित नहीं हो, इसके लिए सभी जिलों के कलेक्टर्स को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है। कलेक्टर्स को ऑयल कंपनी के अधिकारियों और एलपीजी वितरकों के साथ बैठक कर गैस सिलेंडर की उपलब्धता की नियमित समीक्षा करने को भी कहा गया है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सभी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही एलपीजी की आपूर्ति एवं विपणन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ऑयल कंपनियों ने इस पर अमल भी शुरु कर दिया है। घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए वितरण प्रणाली में बदलाव व कुछ उपाय किए गए हैं। अब पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही रिफिल बुकिंग स्वीकार की जा रही है।
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ऑयल कंपनियों द्वारा तय किया गया है कि अभी चिकित्सालय एवं शैक्षणिक संस्थाओं के अलावा किसी अन्य वाणिज्यिक उपभोक्ताओं जैसे होटल, मॉल, वल्क एलपीजी का उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र, फैक्ट्री आदि को कॉमर्शियल एलपीजी की सप्लाई नहीं की जाएगी। गैस की कालाबाजारी और अफरा-तफरी को रोकने तथा उपभोक्ताओं को नियमित रूप से समान वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
प्रदेश के खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिलास्तर पर खाद्य विभाग तथा ऑयल कंपनी के अधिकारी और एलपीजी वितरकों के साथ नियमित रूप से बैठक कर वाणिज्यिक व घरेलू सिलेंडर की उपलब्धता की समीक्षा करें। साथ ही जिले के बड़े वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की भी बैठक कर उनके पास उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं उनकी ईंधन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये वैकल्पिक ईंधन आपूर्ति, स्रोतों का उपयोग करने की सलाह दी जाए।

 

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