भोपाल। भोपाल-इंदौर रोड पर स्थित जिस चिल्ड्रन हॉस्टल से लड़कियां भागीं, वहां होने वाली फॉरेन फंडिंग की जांच पुलिस ने प्रारम्भ कर दी है।
संस्था की ऑडिट रिपोर्ट को खंगाला रहा है। इसके लिए एक चाटर्ड अकाउंटेंट की भी मदद ली जा रही है। हॉस्टल में रहने वाले कर्मचारियों के बयानों को भी दर्ज किया जाएगा। हॉस्टल के अवैध हिस्से की भी जिला प्रशासन की टीम नपती करा रही है।
पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार सिन्हा ने बताया कि विदेशी फंडिंग के मामले में आंचल बालिका छात्रावास की ऑडिट रिकॉर्ड्स को खंगाला रहा है। उसमें रहने वाले अन्य कर्मचारियों के बयानों को दर्ज किया जाएगा। अब तक की जांच में सामने आया कि यहां पढ़ने वाली सीनियर लड़कियां अन्य जूनियर बच्चियों को पढ़ाने लगती थी। अनिल मैथ्यू के अलावा अन्य किसी की भूमिका फिलहाल स्पष्ट नहीं हुई है। मामले की सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।

