इंदौर। श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में विकास कार्यों के लिए शासकीय स्तर पर भूमि आवंटन का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है।
इसमें शहर के उद्योगपति एवं समाजसेवी विनोद अग्रवाल के बालाजी सेवार्थ को 20 करोड़ रुपये की भूमि का आवंटन किया गया है।
इस भूमि पर तीर्थयात्रियों की सुविधा और सेवा के लिए 75 हजार वर्गफीट में सामुदायिक भवन व अन्य निर्माण कार्यों की योजना है।
भूमि आवंटन मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट नव्य अयोध्या भव्य अयोध्या के अंतर्गत ग्रीनफील्ड आवासीय योजना के पहले चरण के तहत किया गया है।
इस योजना के तहत कुल 1407 एकड़ भूमि का विकास किया जाएगा।
योजना के अनुसार ग्रुप हाउसिंग से लेकर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, विभिन्न राज्यों, कमर्शियल एरिया और मठ एवं धर्मशालाओं के लिए भूमि आवंटित की जाएगी। दुनियाभर से लोगों ने इसके लिए आवेदन किए थे, जिसमें से प्रथम चरण के अंतर्गत बालाजी सेवार्थ को चुना गया है।
गौरतलब है कि बालाजी सेवार्थ के अंतर्गत विगत कई वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य, धर्म व आध्यात्म के क्षेत्रों में विभिन्न सेवा गतिविधियां संचालित की जा रही है। इसमें महाकाल की नगरी उज्जैन में बना अन्नक्षेत्र भी शामिल है। अयोध्या में दर्शन व पर्यटन के लिहाज से आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी होगी। ऐसे में उनके ठहरने के लिए सुविधायुक्त स्थान की आवश्यकता को देखते हुए सामुदायिक भवन के निर्माण की योजना बनाई गई है।
इस भूमि आवंटन के अलग अलग सेग्मेंट्स के लिए दुनियाभर से नामांकन आमंत्रित किये गए थे , जिनको उनके द्वारा चलाये जा रहे अभियानों, उनके योगदान और सहयोग कार्यो का आंकलन एक विशेष कमेटी द्वारा किया गया। एक कठिन चयन प्रक्रिया के बाद चुने गए संस्थानों में बालाजी सेवार्थ का नाम शामिल हुआ है। यह इंदौर के लिए गौरव की बात है।

