भोपाल। केंद्र का अंतरिम बजट मध्य प्रदेश सरकार के लेखानुदान का आधार बनेगा।
इसमें अधोसंरचना और औद्योगिक विकास, गरीब कल्याण, महिला सशक्तीकरण प्राथमिकता में रहेंगे।
सात फरवरी से प्रारंभ हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में एक लाख करोड़ रुपये तक का लेखानुदान प्रस्तुत किया जा सकता है।
वर्ष 2023-24 का बजट तीन लाख 14 हजार करोड़ रुपये का है। 2024-2025 का पूर्ण बजट लोकसभा चुनाव के बाद होने वाले मानसून सत्र में प्रस्तुत होगा।
बता दें कि वर्ष 2019 में 89 हजार करोड़ रुपये का लेखानुदान प्रस्तुत किया गया था।
वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही के लिए लेखानुदान विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा प्रस्तुत करेंगे। इसमें सरकार अपनी दृष्टि का परिचय देगी।
महिला सशक्तीकरण के लिए लाड़ली बहना, महिला स्व-सहायता समूहों को सहायता, विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग की महिलाओं को पोषण आहार भत्ता देने की योजनाओं को निरंतर रखने के लिए प्रविधान किए जाएंगे।
गरीब कल्याण के लिए तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक में वृद्धि, प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण, मनरेगा, संबल योजना, अटल ज्योति योजना के लिए भी प्रविधान रखा जाएगा। किसानों को बिना ब्याज का अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराने जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों को ब्याज अनुदान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए राज्यांश, खाद-बीज अनुदान, सस्ती बिजली देने अनुदान का प्रविधान भी किया जा रहा है।
नल से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन, सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एक्सप्रेस वे के निर्माण को गति देने, औद्योगिक केंद्रों के विकास, स्टार्टअप को प्रोत्साहन के लिए संशोधित नीति के अनुरूप अनुदान दिया जाएगा।
सरकार पूंजीगत व्यय को बढ़ावा भी देगी। अभी 56 हजार 256 करोड़ रुपये का प्रविधान है। इसे 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक किया जा सकता है। इसमें सिंचाई परियोजना के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सुधार को प्राथमिकता दी जाएगी। मेडिकल कॉलेजो के निर्माण को गति देने के साथ छोटी सड़कों पर ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए जन प्रतिनिधियों से प्रस्ताव भी लिए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि केंद्रीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ प्रदेश को मिले यह सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए वित्तीय वर्ष प्रारंभ होने से पहले प्रस्ताव बनाकर संबंधित मंत्रालयों को भेजे जाएं। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं इस कार्य को देखें। साथ ही वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए जो राशि मिलनी शेष है, उसकी प्राप्ति के लिए भी प्रयास तेज किए जाएं।


