जबलपुर। मध्यप्रदेश विज्ञान मंथन योजना जिसे विज्ञान मंथन यात्रा भी कहा जाता है।
यह मप्र विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा स्कूली छात्रों में विज्ञान के प्रति रूचि पैदा करने के लिए आयोजित की जाती है। यह यात्रा 21 अप्रैल से 27 अप्रैल 2025 तक दिल्ली एवं चंडीगढ़ के लिए आयोजित की गयी है, जिसमे छात्रो को प्रसिद्ध प्रयोगशालाओं और संस्थानों का दौरा करने और वैज्ञानिको से बातचीत करने का अवसर प्राप्त होगा।
जबलपुर से श्रमोदय आवासीय विद्यालय के तीन छात्र संजना रैदास(10वीं), निमेस चंदेल(11वीं) एवं युवराज पटेल (11वीं) का चयन विज्ञान मंथन यात्रा 2025 दिल्ली एवं चंडीगढ़ के लिए हुआ है।
बता दे कि विद्यालय में अध्ययनरत निर्माण श्रमिको के पुत्र-पुत्रियो के लिए यह प्रथम उपलब्धि है। अब निर्माण श्रमिक की संतान भी सुप्रसिद्ध वैज्ञानिको बातचीत एवं प्रयोगशालाओं का प्रत्यक्ष भ्रमण कर विज्ञान के क्षेत्र में अपने देश- प्रदेश का नाम रोशन कर सकेंगे।
विद्यालय की शिक्षिका शीतल वाईकर एवं अमृता शुक्ला का मार्गदर्शन में तीनो छात्रों का चयन विज्ञान मंथन यात्रा में हुआ।
इस उपलब्धि में संयुक्त संचालक लोक शिक्षण (जबलपुर संभाग) प्राचीश जैन, श्रमोदय आवासीय विद्यालय के प्राचार्य साहिर शेख, भूपेंद्र सलामे सहित समस्त शिक्षको ने विद्यार्थियों को बधाई देकर हर्ष व्यक्त किया है।
प्राचार्य अब्दुल शेख ने जानकारी देते हुए बताया कि इस उपलब्धि के पीछे शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास महाकौशल प्रांत का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। न्यास के द्वारा यहां के छात्र छात्राओं को विभिन्न कार्यशालाओं के माध्यम से शासन और विभिन्न संस्थाओं की जानकारी प्रदान की जाती है। इस मंथन यात्रा की जानकारी भी न्यास के द्वारा ही प्रदान की गई थी। प्राचार्य ने न्यास परिवार को इस हेतु आभार व्यक्त कर बताया कि न्यास के द्वारा देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यालय के शिक्षकों को भी जाने का अवसर प्राप्त होता है। समय समय पर न्यास के संयोजन में विद्यालय में देश के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्राप्त होता है। व्याख्यानों के माध्यम से नवीन शिक्षण तकनीक से शिक्षक परिचित होते विभिन्न विश्व विद्यालयों के कुलगुरु भी समय समय पर यहां आते है।

