शनि क्यों कहलाए न्याय के देवता, क्या है इसके पीछे का राज

सीधी। जिले के चमरौहा शनिधाम शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है।
कहते हैं कि वो अगर किसी पर नाराज हो गए तो निश्चित तौर पर उस व्यक्ति के साथ कुछ भी अच्छा नहीं होता है। इसलिए हर कोई शनिदेव के प्रकोप से बचने की कोशिश करता है। कुछ लोग उन्हें क्रूर देवता भी कह देते हैं।
लेकिन वास्तव में अगर देखा जाए तो शनिदेव बिल्कुल भी ऐसे नहीं हैं। लेकिन वो अनुशासन को सही मानते हैं। उनके दर पर जो भी उनकी पूजा स्वच्छ और निर्मल भाव से करता है तो शनिदेव उसकी पुकार जरूर सुनते हैं और उन पर अपनी कृपा बरसाते हैं।
वैसे क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर शनिदेव को न्यायप्रिय या न्याय का देवता कहते क्यों हैं?
तो इसके पीछे एक रोचक कहानी है, दरअसल एक बार शनिदेव और भगवान शिव में युद्ध छिड़ गया। शनिदेव ने भोलेशंकर के साथ कई घंटों तक युद्ध किया लेकिन अंत में शिव ने उनको हरा ही दिया। ऐसे में शनिदेव के पिता सूर्यदेव वहां प्रकट हो गए और उन्होंने अपने बेटे की ओर से की गई गलती के लिए शिव से माफी मांगी, जिस पर शंकर जी ने शनिदेव को माफ कर दिया लेकिन वो शनिदेव की शक्ति और हिम्मत से बहुत ज्यादा प्रभावित हुए और उन्होंने उससे कहा कि ‘तुम सत्य का पालन करने वाले हिम्मती हो इसलिए मैं तुम्हें आज से दण्डाधिकारी नियुक्त करता हूँ। तब से ही शनिदेव लोगों को दंड देने लग गए और वो न्यायप्रिय कहलाने लगे।

 

Next Post

कान का झुमका कूलर से टकराया, करंट लगने से महिला की मौत

इंदौर। शहर के तेजाजीनगर थाना क्षेत्र में 28 वर्षीय रोशनी सांवले की करंट लगने से मौत हो गई। वह घर में पोंछा लगा रही थी। इस दौरान उसका झुमका कूलर से टकरा गया और करंट लगते ही चिपकी रह गई। बता दे कि रोशनी का पति सूरज एक वर्ष पूर्व […]