इंदौर। शासकीय एवं निजी कॉलेजों से संचालित स्नातक पाठ्यक्रम में ऑनलाइन काउंसलिंग के दूसरे चरण में छह लाख सीटों के लिए गुरुवार शाम तक पंजीयन किए गए। अभी तक 95 हजार छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है। दस्तावेज सत्यापन शुक्रवार तक करवाए जा सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग के मुताबिक, पिछले चरण के मुकाबले इस बार 40 फीसद अधिक विद्यार्थियों ने पंजीयन करवाया है। दूसरा चरण होने के बाद कालेज स्तर पर विद्यार्थियों को सीएलसी के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा।
बीए, बीकॉम, बीएससी, बीजेएमसी, बीएसडब्ल्यू, बीएचएमसी, बीबीए, बीसीए सहित अन्य पाठ्यक्रम की छह लाख सीटों के लिए प्रवेश प्रक्रिया चल रही है।
पहले चरण में 52 हजार छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था, जिसमें 41 हजार विद्यार्थियों को सीटें मिल चुकी है।
दूसरे चरण में 27 मई से 13 जून तक पंजीयन के लिए विद्यार्थियों को समय दिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव किया है। इस बार मूल निवासी प्रमाण पत्र और एबीसी आइडी अनिवार्य कर दिया है। पिछले चरण में ज्यादातर विद्यार्थियों के पास मूल निवासी प्रमाणपत्र नहीं था। इस वजह से आवेदन नहीं कर पाए थे। चुनाव की वजह से इनके प्रमाण पत्र बनने में समय लग रहा था। मगर अब मूल निवासी प्रमाणपत्र विद्यार्थियों को जारी होने लगे है। इसके बाद पंजीयन में तेजी देखने को मिली है।
आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन 14 जून तक किया जाएगा, जिसमें 10वीं, 12वीं की अंकसूची, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, समग्र आइडी, ट्रांसफर प्रमाणपत्र सहित अन्य दस्तावेज शामिल है। प्राप्त आवेदनों के आधार पर विद्यार्थियों की मेरिट बनाई जाएगी। 19 जून को छात्र-छात्राओं को सीट आवंटित की जाएगी। उसके बाद नौ दिन के भीतर यानी 27 जून तक फीस जमा करना होगी।
निजी कॉलेज संचालक संघ के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र धाकड़ और डॉ. कविता कासलीवाल ने बताया कि 20 जून से कॉलेज लेवल काउंसलिंग का चरण शुरू होगा।


