जबलपुर। संस्कारधानी के सुप्रसिद्ध शासकीय मोहनलाल हरगोविंद दास गृह विज्ञान एवं विज्ञान स्वशासी महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता सत्र “ईट राइट, शाइन ब्राइट” का भव्य आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मल्लिका बनर्जी नड्डा एवं इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष सौरभ बड़ेरिया रहे, जिन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर सत्र का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस दौरान मल्लिका बनर्जी नड्डा ने कहा कि सबसे अच्छा आहार वही है, जो जीवन को स्वास्थ्य से भर दे।
उन्होंने महाविद्यालय की छात्राओं और उपस्थित महिलाओं को ‘मातृशक्ति’ और ‘छात्र शक्ति’ के रूप में नमन करते हुए भावुक क्षण साझा किए।
मल्लिका बनर्जी नड्डा ने याद दिलाया कि इसी महाविद्यालय से उन्होंने अपनी शिक्षा ग्रहण की और यहीं से उनके राजनीतिक नेतृत्व की नींव पड़ी।
उन्होंने छात्राओं को अपनी जड़ों से जुड़ने और भविष्य के लिए सशक्त बनने का संदेश देते हुए कहा कि एक स्वस्थ महिला ही सशक्त परिवार और समाज का आधार होती है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष डॉ. सौरभ बड़ेरिया ने छात्राओं को संबोधित करते हुए जंक फूड के घातक परिणामों के प्रति सचेत किया।
उन्होंने ‘मन’ पर नियंत्रण को अच्छे स्वास्थ्य की असली कुंजी बताया और कहा कि अनुशासन ही हमें जीवन में सही चुनाव करने की शक्ति देता है।
डॉ. सौरभ बड़ेरिया ने मल्लिका नड्डा के छात्र जीवन के जुझारूपन और संघर्षों की जमकर सराहना की और उन्हें युवाओं के लिए एक रोल मॉडल बताया।
उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में मल्लिका नड्डा के मार्गदर्शन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान को भी रेखांकित किया।
मुख्य अतिथि मल्लिका नड्डा ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री के “स्वस्थ महिला, स्वस्थ परिवार” के संदेश को दोहराया।
उन्होंने महिलाओं में बढ़ते सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर की गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त की और छात्राओं को नियमित स्वास्थ्य जाँच के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए उनके हीमोग्लोबिन स्तर के बारे में जानकारी ली और खान-पान में सुधार करने का आग्रह किया।
वहीं, मल्लिका नड्डा ने सलाह दी कि स्वस्थ रहने के लिए आहार में हरी सब्जियां, फल और विशेष रूप से ‘श्री अन्न’ यानी मोटे अनाज (मिलेट्स) को प्राथमिकता देनी चाहिए।
सत्र के दौरान विशेषज्ञों और मुख्य वक्ताओं में ब्रिगेडियर (डॉ.) सत्यानंद के. एसएम एवं डॉ. विभा श्रीपाल ने आहार और मानसिक स्थिति के गहरे संबंध पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने “जैसा खाओगे अन्न, वैसा बनेगा मन” की कहावत के माध्यम से यह समझाया कि हमारा आहार ही हमारी वैचारिक स्पष्टता और मानसिक एकाग्रता को निर्धारित करता है।
वहीं, अनुशासन के महत्व को समझाते हुए उदाहरण दिया गया कि सुबह समय पर उठना या व्यायाम करना केवल शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि मन की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। जंक फूड को शरीर पर होने वाला एक ‘साइलेंट हमला’ बताया गया जो धीरे-धीरे स्वास्थ्य को खोखला कर देता है।
मल्लिका नड्डा ने मोटे अनाज (मिलेट्स) के महत्व पर चर्चा करते हुए गृह विज्ञान की छात्राओं को एक विशेष जिम्मेदारी सौंपी।
उन्होंने सुझाव दिया कि छात्राएं विभिन्न आयु वर्गों (जैसे बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों) के लिए आहार योजना और ‘मेनू चार्ट’ तैयार करें, ताकि समाज को स्वस्थ भोजन के विकल्पों के प्रति जागरूक किया जा सके।
सत्र का मुख्य निष्कर्ष यह रहा कि सादा जीवन और पौष्टिक भोजन अपनाकर ही हम भविष्य की बीमारियों से बच सकते हैं।
इस दौरान इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी व अपोलो जेबीपी हॉस्पिटल्स के सहयोग की भी सराहना की गई, जिन्होंने युवाओं को बेहतर जीवनशैली के लिए प्रेरित करने का बीड़ा उठाया है।
महाविद्यालय को स्मार्ट बोर्ड की सौगात और विशिष्ट उपस्थिति
छात्राओं के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक बड़ी घोषणा करते हुए डॉ. सौरभ बड़ेरिया ने महाविद्यालय को पाँच स्मार्ट बोर्ड प्रदान करने का संकल्प लिया।
प्राचार्य डॉ. समीर कुमार शुक्ल ने छात्राओं के हित में इस मांग को मल्लिका नड्डा के समक्ष रखा था, जिसे सहर्ष स्वीकार कर लिया गया।
इस अवसर पर मंच पर मौजूद अतिथि एवं जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष सीमा सिंह जुग्गी और समन्वयक डॉ. सुनील मिश्र भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि स्वस्थ आहार और अनुशासित जीवन ही एक उज्जवल भविष्य का आधार बनेगा।


