जबलपुर। जबलपुर सहित आसपास के जिलों में हो रही बारिश का असर आम जनजीवन में ही नहीं बल्कि बरगी बांध पर भी पड़ा है। रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना के तहत बनाए गए बांध का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके चलते बरगी बांध प्रबंधन ने पानी छोड़ने के लिए गेट खोलने का निर्णय लिया है।
सोमवार दोपहर एक बजे रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना के तहत बनाए गए बरगी बांध के 21 में से सात गेट खोल दिए गए।
जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए सात गेट को औसतन 1.07 मीटर ऊंचाई तक खोला गया है।
इनसे 35 हजार 552 क्यूसेक (घनफीट प्रति सेकंड) पानी की निकासी की गई। इससे नर्मदा का जलस्तर 8 से 10 फीट तक बढ़ गया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने गेट खोलने से पहले ही अलर्ट जारी किया था। बांध के निचले क्षेत्र में रहने वालों को नर्मदा तट एवं घाटों से सुरक्षित दूरी बनाने कहा गया है।
बता दे कि वर्तमान में दो हजार 144 घन मीटर प्रति सेकंड बांध में पानी आ रहा है, जिसे देखते हुए इसे नियंत्रित करने सात गेट यानि स्पिल-वे को 1.07 मीटर औसत ऊंचाई तक खोला गया। इनसे एक हजार सात घन मीटर प्रति सेकंड जल की निकासी हुई। वहीं बांध में आ रहे पानी को देखते हुए जल निकासी की मात्रा को घटाया या बढ़ाया भी जा सकता है।
जबलपुर में अब तक कुल 636.5 मिलीमीटर यानी 25 इंच वर्षा हो चुकी है। यानी वर्षा ने 50 प्रतिशत आंकड़ा पूरा कर लिया है। जबलपुर में औसतन 1320 मिलीमीटर यानी करीब 52 इंच वर्षा होती है। इस लिहाज से औसतन आधी वर्षा हो चुकी है।
कार्यपालन यंत्री बरगी बांध अजय सूरे ने बताया कि बारिश के कारण बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को सुबह 9 बजे बांध का जलस्तर 418.15 मीटर हो गया था, जो बांध के जलस्तर का करीब 62 प्रतिशत है। बांध में पानी की बढ़ती स्थिति को देखते हुए सोमवार दोपहर करीब एक बजे तक जलस्तर 419 मीटर तक हो गया था। जबकि 418 मीटर तक ही रखना है।


