इंदौर। स्वर कोकिला लता मंगेशकर का नाम संगीत जगत में एक अद्वितीय गायिका के रूप में लिया जाता है। उन्होंने फिल्म जगत में करीब 70 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कई लोकप्रिय गीत गाए जो आज भी लोगों के दिलों में गूंजते हैं। इन्हीं गीतों के माध्यम से वे हमारे दिलों में आज भी जीवित हैं। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही।
शहर में शनिवार शाम आयोजित हुए राष्ट्रीय लता मंगेशकर अलंकरण सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने संगीत जगत की दो हस्तियों को लता मंगेशकर अलंकरण सम्मान प्रदान किया।
राजेंद्र नगर स्थित लता मंगेशकर सभागृह में हुए इस गरिमामय आयोजन में डॉ. यादव ने संगीत निर्देशक उत्तम सिंह और पार्श्व गायिका केएस चित्रा को सम्मानित किया।
उत्तम सिंह को वर्ष 2022 और केएस चित्रा को वर्ष 2023 का लता मंगेशकर सम्मान प्रदान किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लता मंगेशकर ने अपने जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव और संघर्ष के बावजूद संगीत के क्षेत्र में अमिट पहचान बनाई। उनके जीवन के विविध पक्ष और जीवटता उनकी आवाज में सुनाई देती है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गायकों की कितनी ही पीढ़ियां बदल गईं, कितने ही पुरुष गायक बदलते गए लेकिन नहीं बदली तो लताजी की गायकी।
फिल्म को चलाने की गारंटी थीं लता मंगेशकर, अगर फिल्म नहीं चल रही तो लताजी को बुला लो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्दे पर दिखने वालों के लिए काम भी उपलब्ध रहता है और दाम भी मिलता है। लेकिन गायकों को धनराशि हमेशा से कम ही मिलती थी, तब लता ने बाकी गायकों के लिए रायल्टी की लड़ाई लड़ी।
उस समय के सबसे बड़े अभिनेता राजकपूर से भी संघर्ष किया और कहा कि हमको आपके गाने नहीं गाने। इस पर राजकपूर को बात माननी पड़ी।
सम्मान पाने पर पार्श्व गायिका केएस चित्रा ने कहा कि आज का दिन मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। लता के जन्मदिन पर उन्हीं के शहर में, उनके नाम के सभागार में मुझे लता अलंकरण सम्मान मिला। उत्तम सिंह ने 1986 का एक संस्मरण सुनाते हुए कहा कि ‘मैंने प्यार किया’ फिल्म के गीत में लता मंगेशकर की आवाज चाहिए थी, लेकिन फिल्म निर्माता ने कहा कि उन्होंने 17 साल से फिल्मों के लिए गाना बंद कर दिया है।
मैं लता दीदी के पास गया और तो उन्होंने एक शर्त रखी कि आप मुझे रिकॉर्डिंग के दौरान लेने और छोड़ने आएंगे तो मैं गाऊंगी। मैंने यह शर्त मान ली तो उन्होंने भी मुझे सहज ही गाने के लिए अनुमति दे दी। आयोजन में उत्तम सिंह ने गीत ‘चिठ्टी न कोई संदेस’ भी सुनाया। चित्रा ने भी कई मधुर गीतों की की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी, मंत्री सावित्री ठाकुर, धर्मेंद्र सिंह लोधी, तुलसी सिलावट, कैलाश विजयवर्गीय आदि मौजूद रहे।


