बिजली की कुल जरुरत की 50 फीसदी पूर्ति सौर ऊर्जा से करेगा मध्य प्रदेश, वर्ष 2030 तक से 20000 मेगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य

भोपाल। मध्य प्रदेश अपनी जरुरत की 50 फीसदी बिजली की आपूर्ति सौर ऊर्जा से करेगा। वर्ष 2030 तक लगभग 40 हजार मेगावाट बिजली की आवश्यकता होगी। इसमें से आधी यानी 20 हजार मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा से बनाई जाएगी। इसके लिए सरकार कार्ययोजना बनाकर काम रही है। आठ हजार मेगावाट सौर ऊर्जा की परियोजना मुरैना, शिवपुरी, सागर और धार में स्थापित करने पर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सहमति बनी है। आगर, धार, अशोकनगर, भिंड, शिवपुरी एवं सागर में साढ़े सात हजार मेगावाट ऊर्जा क्षमता की परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं।
बता दें कि प्रदेश में अभी 26 हजार मेगावाट बिजली की आवश्यकता होती है। इसमें से सौर ऊर्जा से सात हजार मेगावाट बिजली की पूर्ति हो रही है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 में जब 40 हजार मेगावाट बिजली की आवश्यकता होगी, तब आधी बिजली की पूर्ति सौर ऊर्जा से हो जाए। इसे ध्यान में रखते हुए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग ने कार्ययोजना बनाई है।
इस योजना के तहत आठ हजार मेगावाट सौर ऊर्जा की परियोजना मुरैना में स्थापित की जाएगी। इस सौर ऊर्जा संयंत्र से बनने वाली बिजली का छह माह उपयोग उत्तर प्रदेश तो शेष छह माह मध्य प्रदेश करेगा। साढ़े सात हजार मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं छह जिलों (आगर, धार, अशोकनगर, भिंड, शिवपुरी एवं सागर) में प्रस्तावित की गई हैं। इसके लिए 15 हजार हेक्टेयर भूमि भी चिन्हित कर ली गई है। गांधीनगर में चौथी ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर समिट में अवाडा ग्रुप ने पांच हजार करोड़ और रिन्यू पावर ने छह हजार करोड़ रुपये निवेश करने की रुचि दिखाई। इसके अलावा जल संसाधन विभाग भी सौ मेगावाट की परियोजना पर काम कर रहा है।
ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में मध्य प्रदेश में तेजी से काम हो रहा है। कई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। हमारा लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक 20 हजार मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा के माध्यम से प्राप्त हो।

 

Next Post

दो दिवसीय इंडियन रोड कांग्रेस सेमिनार का केंद्रीय मंत्री गडकरी ने किया शुभारंभ, सेमिनार में सड़क और पुल निर्माण में नवीनतम तकनीकों पर होगा विचार-विमर्श

भोपाल। सड़क एवं पुल निर्माण के क्षेत्र में उभरती नवीनतम प्रवृत्तियों और तकनीकों पर भोपाल में दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन राजधानी के रवींद्र भवन में किया जा रहा है। रवींद्र भवन के हंसध्वनि सभागार में शनिवार को केंद्रीय केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन […]