इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय प्रशासन ने फोटोकापी की दुकान पर मिली एमबीए की उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन कार्य पूरा कर लिया है। विषय विशेषज्ञों ने उत्तर पुस्तिकाएं जांची हैं। साथ ही अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय को सौंप दी गई है। रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि विद्यार्थियों के अंकों में किसी भी प्रकार का अंतर नहीं पाया गया है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही एमबीए पाठ्यक्रम का परिणाम घोषित कर सकता है।
बता दे कि करीब डेढ़ महीने पहले गुमाश्ता नगर स्थित एक फोटोकापी की दुकान पर एमबीए पहले सेमेस्टर की उत्तर पुस्तिकाएं मिलने से हड़कंप मच गया था।
जिसके बाद विश्वविद्यालय की टीम ने मौके से 100-100 कापियों के दो बंडल बरामद किए थे। शिकायत में यह आरोप लगाया गया था कि इन उत्तर पुस्तिकाओं की जांच किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच करवाई। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अधिकृत मूल्यांकनकर्ता ने ही किया है।
इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलगुरु के निर्देश पर चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई, जिसने सप्ताहभर के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप दी।
रिपोर्ट में न तो उत्तर पुस्तिकाओं से किसी प्रकार की छेड़छाड़ पाई गई और न ही मूल्यांकन में गड़बड़ी। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि सभी कॉपियों का मूल्यांकन एक ही व्यक्ति ने किया गया है।
परीक्षा नियंत्रक अशेष तिवारी ने बताया कि एमबीए के सभी पाठ्यक्रमों के परिणामों के साथ ही दोबारा मूल्यांकित इन उत्तर पुस्तिकाओं का परिणाम भी जारी कर दिया जाएगा।
परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसे पूर्ण करने में लगभग 15 से 20 दिन का समय लगेगा।

