जबलपुर। जिस उम्र में युवा पढ़ लिखकर अपना करियर बनाने और पैसे कमाने की उधेड़बुन में लगे रहते हैं, उस उम्र में यदि किसी को भागवत कथा सुनाने और धर्म का प्रचार प्रसार करने का जुनून सवार हो तो सुनकर हैरानी होती है।
हम बात कर रहे हैं सुश्री मानसी दीदी की, जिनकी पहली भागवत कथा गढ़ा के पचमट्ठा मंदिर में एक से 8 फरवरी तक आयोजित की जा रही है।
इस कथा को सुनने के लिए प्रतिदिन सैकड़ो लोग उमड़ रहे हैं और भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं।
अपनी पहली ही कथा में सुश्री मानसी दीदी श्रोताओं पर ऐसी छाप छोड़ रही है जिसे कभी भूलना मुमकिन नहीं है।
छोटी सी उम्र में उनके ज्ञान का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे श्रीमद् भागवत कथा के प्रसंग के जरिए लोगों को न केवल भगवान की महिमा बता रही है, बल्कि जीवन जीने के तरीके भी सिखा रही हैं।
सुश्री मानसी दीदी के मुख से पहली बार भागवत कथा सुनकर आप भी अपने कानों पर यकीन नहीं कर पाएंगे कि इतनी सी उम्र में किसी को इतना ज्ञान कैसे हो सकता है।


