टीकमगढ़। शहर की सरकार में पिछले काफी समय से चल रहे विवादों और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर राज्य शासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग भोपाल ने आदेश जारी कर कांग्रेस समर्थित टीकमगढ़ नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को तत्काल प्रभाव से पद से अलग कर दिया है।
बता दे कि यह कार्रवाई विभिन्न पार्षदों की शिकायतों और उच्च स्तरीय जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें अध्यक्ष को करोड़ों की वित्तीय क्षति और नियम विरुद्ध कार्यों के लिए दोषी माना गया है।
दरअसल, नगर पालिका परिषद टीकमगढ़ में हो रही अनियमितताओं को लेकर भाजपाई पार्षदों ने मोर्चा खोल रखा था। जांच दल ने 19 दिसंबर 2025 को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार द्वारा किए गए कार्यों में भारी लापरवाही और नियमों का उल्लंघन पाया गया।
इसमें शासन ने नपाध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को नोटिस जारी कर जबाब मांगा, लेकिन वह जबाब देने से पहले हाइकोर्ट पहुंचे, जहां पर भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। अब शासन ने मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धाराओं के तहत उन्हें दोषी मानते हुए बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया।
शासन ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि नगर पालिका अधिनियम की धारा 51 के तहत अध्यक्ष अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहे हैं। अब उन्हें पद से हटा दिया गया है। इसके अलावा शासन को हुई आर्थिक हानि की वसूली भी उन्हीं से किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।


