भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा पांच फरवरी से प्रारम्भ होगी।
इस बार मंडल काफी सख्ती बरत रहा है।
इस बार केंद्राध्यक्षों व सहायक केंद्राध्यक्षों की नियुक्ति संभाग स्तर पर नहीं, बल्कि जिले स्तर पर की जाएगी। साथ ही हर केंद्र पर कलेक्टर प्रतिनिधि की तैनाती होगी। सभी के नाम और सूची मंडल को 15 जनवरी तक भेजना है। इसके अलावा चार सेट में प्रश्नपत्र होगा और इसका वितरण रैंडम पद्धति के अनुसार होगा।
माशिमं नकल प्रकरण और इंटरनेट मीडिया पर प्रश्नपत्र प्रसारित होने से बचाने के लिए कई एहतियात बरत रहा है।
इस बार परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए 150 से ज्यादा उड़नदस्ताें की टीम बनेगी। इस टीम में तीन से चार सदस्य होंगे। यह टीम मशिमं के अलावा जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बनाए जाएंगे।
परीक्षा केंद्र से लेकर कक्ष में किसी को भी मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं रहेगी। इनमें केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, शिक्षक सहित परीक्षा कार्य में लगे अन्य कर्मचारी शामिल हैं। साथ ही प्रत्येक विषय के प्रश्नपत्रों के चार सेट तैयार किए गए हैं। ये चारों सेट इस तरह से तैयार किए जाएंगे कि एक विद्यार्थी के आगे-पीछे और अगल-बगल बैठने वाले विद्यार्थियों को अलग-अलग सेट के प्रश्नपत्र मिलेंगे।
मंडल के अधिकारियों ने बताया कि पुलिस थाने से लेकर परीक्षा केंद्र तक सख्त निगरानी में प्रश्नपत्र के बंडल लाए जाएंगे। प्रश्नपत्रों का बंडल लाने के लिए कलेक्टर प्रतिनिधि, शिक्षक, केंद्राध्यक्ष सहित पुलिस की टीम शामिल होगी।
परीक्षा कक्ष में जो प्रश्नपत्रों के बंडलों के जो लिफाफे पहुंचेंगे। उसमें से प्रत्येक में 10 या 20 प्रश्नपत्र रहेंगे। उस कक्ष में परीक्षार्थियों की संख्या के आधार पर इनका वितरण होगा। इन लिफाफों में प्रश्नपत्र इस तरह रखे जाएंगे, जिससे आसपास के विद्यार्थियों के प्रश्नपत्र मैच न हों, ताकि नकल को रोका जा सके।
माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव केडी त्रिपाठी ने बताया कि इस बार केंद्राध्यक्ष व सहायक केंद्राध्यक्षों की नियुक्ति जिले स्तर पर रैंडम पद्धति से की जाएगी। साथ ही सभी जिलों में परीक्षा केंद्रों के हिसाब से तीन-चार उड़नदस्तों की टीम रहेगी। परीक्षा की पूरी निगरानी ऑनलाइन होगी।

