भोपाल। आने वाले नौनिहालों की देखरेख सहित अन्य सुविधाओं पर संकट मंडराने लगा है।
प्रदेश में आंगनबाड़ियों के हाल बेहाल होने लगे हैं।
दरअसल आंगनबाड़ियों में नौनिहालों का जिम्मा संभालने वाली आंगनबाडी कार्यकर्ता और सहायिका आर्थिक संकट से जूझ रही हैं। बताया जा रहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत प्रदेश की लगभग एक लाख 35 हजार कार्यकर्ता और सहायिकाओं को तीन महीने से वेतन नहीं मिल रहा है।
बता दें कार्यकर्ता और सहायिका पिछले तीन महीने से अपने मानदेय के इंतजार में हैं। जिसके चलते उनका खुद का बजट बिगड़ चुका है और उनकी माली हालत काफी खराब हो चुकी है।
जानकारी के मुताबिक राजधानी भोपाल में मध्यप्रदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ द्वारा मुख्यमंत्री के नाम से कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को ज्ञापन सौंपतें हुए अपनी मांगों से अवगत कराया है।
संघ की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रानी मालवीय, जिलाध्यक्ष सुमन नागर, प्रदेश महामंत्री संगीता श्रीवास्तव ने बताया कि मध्यप्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत कार्यरत लगभग एक लाख 35 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को पिछले तीन महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। जबकि शासन के आदेश हैं कि प्रति महीने की पांच तारीख को वेतन दिया जाना चाहिए। साथ ही जो आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवनों में संचालित हो रहे हैं, उनका भी किराया नहीं दिया गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्यामवती भारती ने बताया कि ग्राम पंचायत फंदा कलां की आंगनबाड़ी में कार्यकर्ता हूं। पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा बिगड़ गई है। पति की तबीयत खराब है, बच्चों की स्कूल की फीस भरना है, बिजली का बिल भी जमा करना है, निजी दिनचर्या से जुड़े ऐसे बहुत सारे काम वेतन नहीं मिलने से अटक गए हैं।


