भोपाल। प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से आ रही नमी के कारण उत्तरी क्षेत्र के जिलों में बादल बने हुए हैं।
कहीं-कहीं रुक-रुककर वर्षा भी हो रही है।
इसी क्रम में पिछले 24 घंटों के दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक दमोह में 2, सागर में 0.4, सतना में 0.1, सीधी में एक मिलीमीटर वर्षा हुई। ऊपरी स्तर पर हवा का रुख उत्तरी होने के कारण दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे तपिश से राहत मिल गई है।
प्रदेश में सबसे कम नौ डिग्री सेल्सियस तापमान दतिया में दर्ज किया गया।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 24 फरवरी को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में आने के बाद 25 फरवरी से प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना भी है।
26-27 फरवरी को भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू के आसपास द्रोणिका के रूप में बना है। मराठवाड़ा से लेकर तमिलनाडु तक एक द्रोणिका बनी हुई है। जो कर्नाटक से होकर जा रही है। उत्तरी छत्तीसगढ़ पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। वर्तमान में 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं।
इसके अलावा ऊंचाई के स्तर पर हवाओं का रुख उत्तरी बना हुआ है। इस वजह से तापमान में गिरावट हो रही है। 24 फरवरी को उत्तर भारत में आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के असर से 25 फरवरी से मौसम का मिजाज काफी बदलने की संभावना है। इसके तहत नर्मदापुरम एवं जबलपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है। 26-27 फरवरी को भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर संभाग के जिलों में कई स्थानों पर वर्षा के साथ ही ओले गिरने की भी आशंका है।


