आजादी के 75 बर्ष बीत जाने के बाद भी बूंद बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण

सिंगरौली। जिला मुख्यालय से महज 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पहाड़ियों की आगोश में बसा चितरंगी विधानसभा का ग्राम पंचायत धवई पराई कुरसा, कोलहुआ जो आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी आज बुनियादी सुविधाओं को लेकर तरस रहा हैं।
आपको बता दें कि ग्रामीण जन अपनी आवाज मीडिया के माध्यम से अपना दुःख बयां कर शासन तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
एमपी न्यूज लाइव चैनल ग्रामीणों से बात की और उनसे गांव की जमीनी हकीकत जानने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने मीडिया के कमरे पर खुलकर बात की और बताया कि देश को आजादी मिले अब तक 75 साल बीत चुके हैं। लिहाजा यह रहा कि सरकार के द्वारा विकास कार्य को लेकर कई वादे दावे किए जाते हैं। लेकिन हम लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे है।
हम ग्रामवासी नाले में एक कुंडा बनाए हुए हैं, जंगल में कुंड का दूषित पानी लगभग 100 से 200 की आबादी वाला इस मोहल्ले के लोग गंदा पानी पीने कर अपना गुर्जर बसर कर जिंदगी बिताने पर मजबूर हैं।
वही, देखा जाए तो कुंडा गहरी खाई में है और आबादी वाले क्षेत्र से लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी स्थिति है।
रास्ता दुर्गम एवं अडविहड है, जिस चढ़ाई भरे रास्ते में ग्रामीण पानी भरा बर्तन सर पर रखकर घर जाते हैं।
ऐसे में अगर तनिक भी पैर फिसला तो ग्रामीण पानी भरा बर्तन सहित लेकर लगभग हजारों फीट गहरी खाई में गिर सकते हैं। जिसमें बचने का कोई मौका नहीं है और ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कई बार ऐसी घटनाएं हो भी चुकी है। लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई।
जबकि, इसके बगल में ही एक नहीं कई अमृत सरोवर लाखों लाख की लागत से बना हुआ है। लेकिन अमृत सरोवर में मवेशियों और इंसानों की तो बात छोड़िए पर चिड़िया पंछी चींटी मटा तक इस बेतहासा गर्मी में अपनी प्यास नहीं बुझाने के लिए तड़प रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि यह अमृत सरोवर पूर्णता गुणवत्ता विहीन है और नीचे से लेकर ऊपर तक के सभी आधिकारिक कर्मचारी अमृत सरोवर निर्माण में जमकर बन्दरबाट किए हैं। अब इसे शासन के पैसे का दुरुपयोग ना कहे तो क्या कहे।
इस दौरान ग्रामीणों ने कैमरे पर दर्द बयां करते हुए बताया कि चितरंगी पराई, कुरसा के बदहाली की बात सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के नेताओं से कई बार कर चुके हैं, परंतु आज तक हमें आश्वासन और तारीख के अलावा कुछ नहीं मिला कुछ नेता तो चुनाव के समय में यहां आए और सरकार का गठन होते ही जल्द यहां की समस्याओं से निजात दिलाने की बात कहे लेकिन निजात मिलना तो कोसों दूर रहा लेकिन अब तक उन नेताओं के यहां दर्शन तक नहीं है।

 

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