इंदौर। कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामने वाले अक्षय बम को हत्या के प्रयास के मामले में फिलहाल हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। उनकी ओर से अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट में दायर याचिका में शुक्रवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति प्रेम नारायण सिंह ने जबलपुर से ऑनलाइन सुनवाई की। उन्होंने कहा कि मामला हत्या के प्रयास से जुड़ा है और इसमें धारा 435 (फसल को नुकसान पहुंचाना) भी लगी हुई है, इसलिए इसकी सुनवाई बोर्ड से की जाना चाहिए। इसे आगामी बुधवार तक बढ़ाया जा रहा है। अब कोर्ट इस मामले में 29 मई को सुनवाई करेगी।
अक्षय बम और उनके पिता कांतिलाल बम पर एक व्यक्ति की हत्या का प्रयास का आरोप है। मामला 17 वर्ष पुराना है। आरोप है कि जमीन विवाद में अक्षय और उनके पिता के कहने पर सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी ने फरियादी युनुस पटेल पर गोली चलाई थी। यह गोली पटेल के कान के पास से निकली थी। पुलिस ने इस मामले में 323, 506 जैसे मामूली धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था, लेकिन हाल ही में 24 अप्रैल 2024 को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी ने प्रकरण में हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाने का आदेश दिया था।
कोर्ट ने अक्षय और उनके पिता को सत्र न्यायालय के समक्ष 10 मई को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने को कहा था, लेकिन पिता-पुत्र उपस्थित नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने दोनों का गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। कोर्ट ने पुलिस को 8 जुलाई से पहले पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर पेश करने के लिए कहा है। अक्षय बम ने अग्रिम जमानत के लिए सत्र न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया था, लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इस पर उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता अविनाश सिरपुरकर के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।
अक्षय बम ने प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश को चुनौती देते हुए सत्र न्यायालय के समक्ष एक आपराधिक रिवीजन भी दायर की है। इसमें प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश को अपास्त करने की मांग की गई है। इसमें शुक्रवार 24 मई को दोपहर बाद सुनवाई होगी।


