इंदौर। सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर देखो तो कुछ भी नजर नहीं आता है।
इंदौर एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अधीन कैंसर अस्पताल में कोबाल्ट मशीन आए दिन खराब हो जाती है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है।
वर्तमान में दो दिनों से मशीन खराब पड़ी है। इसके बावजूद जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। कोबाल्ट कक्ष के बाहर एक बोर्ड पर लिखा हुआ है कि तकनीकी खराबी आने के कारण आगामी आदेश तक सिंकाई मशीन बंद रहेगी।
वही, कोबाल्ट मशीन खराब हो जाने से रेडियोथेरेपी करवाने से 100 से अधिक मरीज रोजाना वंचित हो रहे हैं।
अस्पताल प्रबंधन भी इसकी शिकायत कई बार जिम्मेदारों को कर चुके हैं, लेकिन अभी तक इसका सुधार कार्य ही शुरू नहीं हुआ है। इसके कारण यहां आने वाले मरीजों के साथ ही डॉक्टर भी परेशान हो रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक कैंसर के मरीजों को समय पर रेडियोथेरेपी देना जरूरी होता है।
बता दें कि कैंसर अस्पताल में मशीनों के मेंटनेंस का जिस कंपनी को ठेका दिया गया है, इसके इंजीनियर दिल्ली और मुंबई से यहां आते हैं। अभी मशीन में लगे तीन पार्ट खराब हो चुके हैं, जिसके चलते मशीन पूरी तरह से बंद हो रही है।
इन पार्ट को बदलने का खर्चा करीब 11 लाख रुपये आता है, लेकिन भुगतान नहीं होने के वजह से मशीन शुरू नहीं हो पाई है।
बता दें कि हर एक-दो माह में मशीन में कोई समस्या आने लग जाती है।
गौरतलब है कि यहां प्रदेशभर के मरीज इलाज के लिए आते हैं।
रेडियोथैरेपी के लिए आए मरीजों ने बताया कि हम दूर-दूर से यहां अपना इलाज के लिए आ रहे हैं, लेकिन हमेशा यहां थैरेपी से वंचित होना पड़ रहा है। यहां आकर पता चलता है कि मशीन खराब है। इसके बाद हमें या तो निजी अस्पताल में जाना पड़ता है या जिन लोगों के पास पैसे नहीं होते हैं। वह वापस घर लौट जाते हैं।
कैंसर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. रमेश आर्या ने बताया कि जिस कंपनी को मशीनों के रखरखाव का टेंडर दिया गया है, उसका इंजीनियर काम कर रहा है। जल्द ही मशीन शुरू हो जाएगी और मरीजों को सुविधाएं मिलने लगेंगी।


