सागर। प्रदेश में झमाझम भारी बारिश के चलते जर्जर मकान और दीवारें जान के लिए खतरा बन गए हैं।
शनिवार को रीवा के गढ़ में एक स्कूल से लगी दीवार गिरने से चार बच्चों की मौत हो गई थी। उसके ठीक एक दिन बाद रविवार को सागर के शाहपुर गांव में दीवार गिरने से 9 बच्चों की असमय मौत हो गई।
प्रदेश में लगातार दो दिन में एक जैसी दो घटनाएं सामने आने के बाद सरकार इसको लेकर अलर्ट हो गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी जिलों के कलेक्टरों को तेज बारिश को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने इन दोनों हादसों पर शोक भी जताया है।
गौरतलब है कि बीते कल यानि शनिवार को रीवा के गढ़ में एक प्राइवेट स्कूल से लगे दीवार ने बच्चों की जान ले ली। स्कूल से छुट्टी होने के बाद बच्चे अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान उन पर दीवार गिर गई। हादसे में 4 बच्चों की मौत हो गई और चार बच्चों के साथ एक महिला भी घायल हो गई।
वही, रविवार को सागर जिले के शाहपुर गांव में मंदिर से लगे घर की जर्जर दीवार नीचे बैठे बच्चों पर गिर गई। ये बच्चे मंदिर में चल रही कथा के दौरान पार्थिव शिवलिंग बना रहे थे। घटना के बाद परिजन दौड़कर वहां पहुंचे और ईटे उठाकर बच्चों को बाहर निकाला। सिर और शरीर पर गंभीर चोट लगने से 9 बच्चों की जान चली गई।
जानकारी के अनुसार शाहपुर के हरदौल मंदिर में सावन महीने में शिवलिंग निर्माण और भागवत कथा का आयोजन चल रहा हैं। इसके शामिल होने के लिए सैकड़ों लोग पहुंच रहे हैं। रविवार को छुट्टी होने के कारण शिवलिंग बनाने के लिए बड़ी संख्या में बच्चे भी आए हुए थे।
बच्चे एक जगह बैठकर शिवलिंग बना रहे थे, इस दौरान मंदिर परिसर के पास स्थित एक मकान की करीब पचास साल पुरानी कच्ची दीवार भराभरा कर गिर गई। यह दीवार बच्चों के ऊपर गिरी, जिससे नौ बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई। लोगों ने तुरंत दीवार का मलबे हटाने का कार्य शुरू किया और फिर एक-एक कर उसके नीचे दबे बच्चों को बाहर निकाला गया। नगर परिषद, पुलिस एवं क्षेत्रीय राहत कार्य में लगे हुए हैं।
सूचना मिलने पर रहली विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव मौके पर पहुंचे।
हादसे के बाद लोग घायलों को लेकर शाहपुर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां एक भी डॉक्टर नहीं मिला। ऐसे में लोगों ने नाराजगी जाहिर की। लोगों बताया कि यहां जो डॉक्टर हैं, वे कभी-कभार ही अस्पताल आते हैं और दस्तखत करके चले जाते हैं। उन्होंने बताया कि जब बच्चों को अस्पताल में लाया गया तो मलहम पट्टी करने वाला भी मौजूद नहीं था।
दर्दनाक हादसे में दिव्यांश साहू पिता नितेश साहू, वंश लोधी पिता यशवंत लोधी, नीतेश पटेल पिता कमलेश पटेल, ध्रुव यादव पिता जगदीश यादव, पर्व विश्वकर्मा पिता कृष्ण विश्वकर्मा, दिव्यराज साहू पिता गोविंद साहू, सुमित प्रजापति पिता महेश प्रजापति और खुशी पटवा पिता अमित पटवा समेत एक अन्य बच्चे की मौत हो हुई है।
हादसे को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुख जताया। उन्होंने एक्स कर लिखा- सागर जिले के शाहपुर में हुई अतिवृष्टि के कारण जर्जर मकान की दीवार गिरने से 9 मासूम बच्चों के काल कवलित होने की खबर सुनकर मन व्यथित है। घायल बच्चों के उचित इलाज के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया है। भगवान से करबद्ध प्रार्थना है कि दिवंगत बच्चों की आत्मा को शांति प्रदान करें। हादसे में घायल अन्य बच्चों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। जिन परिवारों ने मासूम बच्चों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मृतक बच्चों के परिजनों को शासन की तरफ से 4 -4 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।


