इंदौर। भगवान परशुराम की जन्मभूमि जानापाव, शिप्रा के उद्गम स्थल उज्जैनी एवं गुलावट के विकास का मास्टर प्लान बनेगा।
तीनों स्थानों के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं जुटाई जाएंगी। इन्हें पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए जल्द ही कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर इंदौर जिले के तीन प्रमुख स्थानों जानापाव, उज्जैनी एवं गुलावट का संपूर्ण विकास किया जाएगा। यहां मास्टर प्लान बनाकर संपूर्ण सुविधाएं जुटाई जाएंगी।
जानापाव, उज्जैनी और गुलावट में कई विकास कार्य पहले किए जा चुके हैं। गुलावट में तो सांसद शंकर लालवानी द्वारा भी विकास की योजना बनाई गई थी। उन्होंने इंदौर से गुलावट तक बस चलाने की बात भी कही थी, लेकिन इस पर अमल नहीं हो सका। इंदौर और आस-पास के इलाकों में गुलावट प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए काफी फेमस है। अब तीनों स्थानों को पर्यटन और धार्मिक रूप से विकसित करने के लिए मास्टर प्लान बनाकर कार्य किए जाएंगे।
कलेक्टर कार्यालय में तीनों स्थानों के विकास का प्रस्ताव तैयार करने को लेकर बैठक आयोजन किया गया।
कलेक्टर आशीष सिंह ने जिला पंचायत के अधिकारियों को तीनों स्थानों के विकास की कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा जल्द ही मास्टर प्लान का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
विकास की कार्ययोजना को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ विचार विमर्श के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर गौरव बैनल सहित संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

