डिंडोरी। जिले के करंजिया थाना क्षेत्र अंतर्गत अज्ञात आरोपी द्वारा 11 वर्षीय बालक की नृशंस हत्या कर दी गई थी। वही, आरोपी द्वारा एक महिला एवं बालिका को गम्भीर रूप से घायल कर दिया गया था।
सूचना पर करंजिया पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 103(1), 238, 115, 109, 331(8) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारम्भ किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए करंजिया थाना प्रभारी नरेन्द्र पॉल ने इसकी सूचना तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारियो को दी।
चूँकि यह मामला एक नाबालिक की हत्या व महिला पर प्राणघातक हमले से संबंधित था, इस लिए पुलिस कप्तान वाहिनी सिंह के सतत निगरानी में सम्पूर्ण कार्रवाई की गई।
विवेचना के दौरान तकनीकी व भौतिकी साक्ष्यो के आधार पर पुलिस ने अपनी विवेचना प्रारम्भ की।
वही, ईलाज के दौरान दिनांक 27.05.2025 को घायल महिला की भी मौत हो जाने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
जिसके बाद पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह के निर्देशन एवं अति. पुलिस अधीक्षक डॉ. अमित वर्मा तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (बजाग) विवेक गौतम के कुशल मार्गदर्शन और करंजिया थाना प्रभारी नरेन्द्र पॉल के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया गया।
एक टीम को शहडोल एवं आसपास के क्षेत्रो में पतासाजी के लिए रवाना किया गया। वही, तकनीकी साक्ष्यो के आधार पर दूसरी टीम महाराष्ट्र के पुणे में दबिश देने पहुंची।
पुलिस के अथक परिश्रम के बाद आखिरकार आरोपी रोशन उद्दे के गिरेबान तक पुलिस हाथ पहुच ही गए और पुलिस टीम ने आरोपी रोशन उद्दे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकारते हुए बताया कि उसी ने उस जघन्य वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड और रक्तरंजित कपड़े बरामद किए हैं।
वहीं, पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई के चलते उप पुलिस महानिरीक्षक (बालाघाट) के द्वारा पुलिस टीम को बीस हजार रूपए ईनाम देने की घोषणा की गई है।
आयोजित पत्रकारवार्ता में पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह ने बताया कि आरोपी रोशन उद्दे के साथ मृतक महिला का प्रेम प्रसंग था, लेकिन आरोपी को महिला के चरित्र पर शक हो गया था। इसी बात को लेकर मृतिका और आरोपी के बीच विवाद हो गया। इसके बाद आरोपी ने महिला पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। चूँकि, घटना को बच्चों ने देख लिया था, इस कारण आरोपी ने दोनों बच्चों के ऊपर भी रॉड से हमला कर दिया था, जिससे 11 वर्षीय मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। वही, इलाज के दौरान महिला की भी मौत हो गई।
करंजिया थाना प्रभारी नरेंद्र पॉल के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में सहा.उप निरिक्षक साहिबा सिंह तिलगाम, प्रधान आरक्षक (साइबर सेल) मुकेश प्रधान, आरक्षक रामनंदन सनोडिया, शिवपाल कौरव, जगदीश प्रसाद एवं आरक्षक (साइबर सेल मंडला) सुरेश भटेरे की सराहनीय भूमिका रही।


