बांस में एंटीमाइक्रोबियल गुण, बांस की कोंपल में होते है फाइबर, विटामिन एवं मिनरल्स

DR. SUMIT SENDRAM

डिंडोरी। बांस के अनेक गुण हैं, इसमें से इसे हवा शुद्ध करने, पर्यावरण को बेहतर बनाने, टिकाऊ उत्पाद (जैसे फर्नीचर, कपड़े) बनाने के साथ-साथ विभिन्न बीमारियों के इलाज में पारंपरिक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
बांस का उपयोग निर्माण, ऊर्जा, कृषि और भोजन के रूप में भी होता है, साथ ही यह सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य लाने वाला माना जाता है।
विश्व बांस दिवस के अवसर पर डॉ. विकास जैन ने बताया कि बांस के पौष्टिक व्यंजनों का महत्व बहुत अधिक है। बांस के विभिन्न भागों का उपयोग करके स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन बनाए जा सकते हैं।
बांस के तने से बनने वाले पौष्टिक व्यंजन, बांस के बायोकेमिकल महत्व पर डॉ. जैन ने पुस्तकों का लेखन भी किया है।
गौरतलब है कि बांस के तने पर डॉ. विकास जैन ने शोध कार्य भी किया है।
डॉ विकास जैन के मुताबिक बांस के विभिन्न भागों का उपयोग करके स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन बनाए जा सकते हैं। बांस के पौष्टिक व्यंजनों में शामिल हैं बांस की कोंपल, बांस की कोंपल में फाइबर, विटामिन और मिनरल्स होते हैं। बांस के शूट का उपयोग सलाद, सब्जी व सूप जैसे विभिन्न व्यंजनों में किया जाता है।
डॉ. विकास जैन ने आगे बताया कि बांस के पौष्टिक व्यंजनों के निम्न फायदे हैं। यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। वजन प्रबंधन में मदद करता है।
विश्व बांस दिवस पर डॉ. विकास जैन ने लोगों से अपील किया कि बांस के पौष्टिक व्यंजनों को अपनाएं और अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाएं।
बांस के बायोकेमिकल महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. विकास जैन ने बताया कि इसमें विभिन्न प्रकार के फाइटो केमिकल्स होते हैं, जैसे कि फ्लेवोनोइड्स और फेनोलिक एसिड, जो एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाने जाते हैं। बांस में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करते हैं। बांस के बायोकेमिकल्स में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन और दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं। बांस में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया और फंगस के विकास को रोकने में मदद कर सकते हैं। बांस में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
बांस के इन बायोकेमिकल गुणों के कारण, इसका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जा सकता है, जैसे कि चिकित्सा, खाद्य और सौंदर्य प्रसाधन उद्योग में।
बांस के बायोकेमिकल महत्व को समझकर, हम इसका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में कर सकते हैं और इसके प्रति जागरूक रह सकते हैं।

 

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