इंदौर में पहली बार आयोजित होंगी तीन दिवसीय पीडियाट्रिक रूमेटोलॉजी नेशनल कॉन्फ्रेंस, सिंगापुर, यूके व टर्की से भी आएंगे एक्सपर्टस, ऑटो इम्यून से जुड़ी बीमारियों पर होगा फोकस

DR. SUMIT SENDRAM

इंदौर। बच्चों में होने वाली गठिया और उससे जुड़ी बीमारियों को लेकर आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ पीडियाट्रिक रूमेटोलॉजी (एनसीपीआर) 2025 इस बार इंदौर में आयोजित होगी। यह 23वीं कॉन्फ्रेंस है और सेंट्रल इंडिया में पहली बार इसका आयोजन किया जा रहा है। खास बात यह है कि सिंगापुर, यूके एवं टर्की के एक्सपर्ट्स भी इसमें हिस्सा लेंगे।
तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस 3 से 5 अक्टूबर 2025 तक अंबर कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगी। पहले दिन सीएमई सेशन होगा और अगले दो दिन एडवांस टॉपिक्स पर चर्चा की जाएगी। देशभर से करीब 250 डॉक्टर इसमें शामिल होंगे, जिनमें से 125 से अधिक पीडियाट्रिक रूमेटोलॉजिस्ट हैं, जबकि बाकी पीडियाट्रिक विशेषज्ञ हैं। आयोजन समिति में डॉ. एसएस रावत (चेयरपर्सन) और डॉ. ज्योति संघवी (सेक्रेटरी) शामिल हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार गठिया केवल बड़ों में ही नहीं बल्कि नवजात से लेकर 16 वर्ष तक के बच्चों में भी हो सकती है। यह हड्डियों की बीमारी नहीं बल्कि ऑटो इम्यून सिस्टम से जुड़ी बीमारी है। इसके लक्षणों में जोड़ों में सूजन और दर्द, बार-बार बुखार, आंखों में लालपन और दर्द, शरीर पर लाल धब्बे, मुंह में छाले, धूप से एलर्जी और बाल झड़ना शामिल हैं। इनमें से कई लक्षण लूपस जैसी अन्य बीमारियों से भी जुड़े हो सकते हैं।
डॉ. ज्योति संघवी ने बताया कि आम धारणा है कि यह बीमारी लाइलाज है, लेकिन अब देश में इसका बेहतर इलाज उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि जागरूकता बढ़ाने और भ्रांतियों को दूर करने के लिए ही हर साल यह कॉन्फ्रेंस देश के अलग-अलग शहरों में आयोजित की जाती है।

 

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