अय्याशी में भाजपा नेता के बेटे ने उड़ाए फीस के पैसे, फिर खुद ही बनाई लूट की कहानी, पुलिस ने किया खुलासा

DR. SUMIT SENDRAM

ग्वालियर। कॉलेज की फीस मौज-मस्ती में खर्च होने के बाद भाजपा नेता के बेटे ने 2.50 लाख रुपए लूटे जाने की झूठी कहानी गढ़ दी। उसने रूपये दोस्त को सौंपकर ऐसी कहानी तैयार किया कि दिनदहाड़े लूट की खबर से शहर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने जब कड़ियां जोड़ी तो सामने आया कि न कोई लुटेरा था और न ही लूट हुई पूरी कहानी फीस के पैसों को बराबर करने के लिए गढ़ी गई थी।
फीस की रकम मौज-मस्ती में खर्च होने के बाद भाजपा नेता के बेटे ने 2.50 लाख रुपए लूटे जाने की झूठी कहानी रच दी। उसने रकम दोस्त को सौंपकर ऐसी स्क्रिप्ट तैयार की कि दिनदहाड़े लूट की खबर से हड़कंप मच गया। पुलिस ने जब कड़ियां जोड़ी तो सामने आया कि न कोई लुटेरा था और न ही लूट हुई पूरी कहानी फीस के पैसों को बराबर करने के लिए रची गई थी।
ग्वालियर में आरा मिल निवासी भाजपा नेता धारा सिंह सेंगर के 19 वर्षीय बेटे कृष्णदीप सिंह सेंगर ने सोमवार दोपहर करीब 1.15 बजे पुलिस को सूचना दी कि वह घर से 2.50 लाख रुपए यूको बैंक की हजीरा शाखा में जमा करने आया था। कैश विंडो पर पैन कार्ड मांग जाने पर पैन न होने की बात कहकर वह बाहर निकला और खाटू श्याम मंदिर के पास गली में उसने पहले फोटो कॉपी कराई। उसके पास पेन भी नहीं था, तो वह पेन खरीदने चला गया। तभी दो बद‌माशों ने बाइक से टक्कर मारकर उसे गिराया और जैकेट के अंदर रखी रकम लूटकर फरार हो गए।
पुलिस ने बताया कि कृष्णदीप कई दलीलें दे रहा है। उसका कहना है दोस्तों के साथ दिल्ली घूमने चला गया था। वहां काफी खर्चा हो गया था। इसलिए सूदखोरों से मोटे ब्याज पर पैसा उधार लिया। अब सूदखोर वसूली के लिए धमका रहे थे। इसलिए लूट की कहानी रचकर कर्जा पटाने का प्लान बनाया था।
हजीरा थाना प्रभारी जितेन्द्र तोमर के मुताबिक लूट की कहानी शुरुआत से ही संदिग्ध लगी। जिस दिशा में कृष्णदीप के पेन लेने जाने की बात कही गई, वह बैंक से बिल्कुल उल्टी दिशा में थी। इसके बाद मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली गई, जिसमें लूट के कथित समय पर उसकी पटरी रोड निवासी ईशान से बातचीत सामने आई। बैंक के सीसीटीवी फुटेज की जांच में भी कृष्णदीप और ईशान दोनों एक साथ दिखाई दिए। पूछताछ के बाद पूरी कहानी से पर्दा उठ गया।
पूछताछ में कृष्णदीप ने बताया कि वह महाराजपुरा स्थित एक निजी विश्वविद्यालय का छात्र है। पिता ने फीस जमा करने के लिए रकम दी थी, जिसे उसने खर्च कर दिया। फीस भरने का कोई दूसरा रास्ता न होने पर उसने रकम लूट जाने की कहानी रच दी, ताकि परिवार और पुलिस को भरोसा हो जाए। इसी योजना के तहत उसने दोस्त ईशान को बैंक के पास बुलाकर 2.50 लाख रुपए थमा दिए और खुद लूट की सूचना दे दी।
अति. पुलिस अधीक्षक विदित डागर ने बताया कि लूट की कहानी झूठी निकली है, इसमें शामिल दोनों लड़के और पैसा भी मिल गया। दोनों से पूछताछ की जा रही है। इन पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

 

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