इंदौर। सीएम डॉ. मोहन यादव हातोद में आयोजित गोवर्धन पूजा में शामिल हुए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा टाइगर अभ्यारण हो सकता है, लेकिन गो अभ्यारण नहीं हो सकता है। गोमाता तो एक तरह से माता के रूप में स्थापित है। आज के दौर में जमीन छोटी पड़ती जा रही है। हमारे पास सिंचाई के साधन बढ़ गए, ट्रैक्टर की व्यवस्था हो गई।
गोवंश के आधार पर जो खेती होती, उसमें थोड़ा फर्क आ गया है। इस बात की प्रसन्नता है कि अब प्राकृतिक खेती के आधार पर जो पंजीयन कराएगा, उन्हें एमएसपी के साथ अलग से भी राशि दी जाएगी। अपनी जैविक खेती बढ़ाते हुए अपने वंश को भी सुरक्षित करें। आज खेती में जिस प्रकार से रासायनिक खादों का उपयोग हो रहा है और उसके माध्यम से क्या होता है उसे बताने की जरूरत नहीं है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधि-विधान से पूजा की और गाय के बछड़े को गोद में उठाकर दुलार किया।
इस दौरान नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बता दे कि नगर निगम की हातोद स्थित रेशम केंद्र गोशाला में गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि सीएम डॉ. मोहन यादव गोवर्धन पूजा संपन्न कराई और गो सेवा से जुड़े कामों का अवलोकन किया।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश के सभी विधायकों को 5 लाख रुपए हर साल अपने क्षेत्र की गोशाला देना चाहिए। सांसद 10 लाख रुपए दे। अपने बच्चों में संस्कार देने के लिए जन्मदिन गोमाता की सेवा करके मनाना चाहिए।
गोशालाओं में आकर हमें गायों को दलिया खिलाना चाहिए। यह गायों के लिए पौष्टिक होता है। कैलाश विजयवर्गीय ने आगे कहा कि इंदौर में हातोद की गोशाला प्रदेश की चुनिंदा बेहतर गोशालाओं में है।


